- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध: यूजीसी इक्विटी नियमावली पर रोक के खिलाफ भागलपुर में बहुजन छात्र संगठनों ने खोला मोर्चा; कहा- यह सामाजिक न्याय पर हमला है
- TMBU में प्रतिरोध मार्च: बहुउद्देशीय प्रशाल से प्रशासनिक भवन तक AISA और अन्य संगठनों ने निकाली रैली; अंबेडकर विचार विभाग के सामने किया प्रदर्शन
- मांग: नई शिक्षा नीति (NEP-2020) वापस लो; जातीय भेदभाव मुक्त कैंपस के लिए यूजीसी इक्विटी नियमावली को लागू करना होगा
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर/TMBU)
यूजीसी इक्विटी नियमावली (UGC Equity Regulations) पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भागलपुर के छात्रों में आक्रोश है। इस फैसले के विरोध में और यूजीसी बिल के समर्थन में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में बहुजन छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रशासनिक भवन तक प्रतिरोध मार्च
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय प्रशाल भवन के प्रांगण से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र एकजुट हुए।
- प्रदर्शन स्थल: छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित अम्बेडकर विचार विभाग और समाज कार्य विभाग के सामने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
- रैली: इसके बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य संगठनों के नेतृत्व में छात्रों ने बहुउद्देशीय प्रशाल से लेकर प्रशासनिक भवन तक एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला।
‘नई शिक्षा नीति वापस लो’
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया।
- मुख्य मांग: छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसरों को जातीय भेदभाव और उत्पीड़न से मुक्त बनाने के लिए यूजीसी इक्विटी नियमावली को तत्काल लागू करना अनिवार्य है।
- NEP का विरोध: प्रदर्शनकारियों ने नई शिक्षा नीति 2020 को ‘बहुजन विरोधी’ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की और शिक्षा को समतामूलक बनाने पर जोर दिया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों का गुस्सा केंद्र सरकार पर भी फूटा और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


