- लोकसभा में गूंजा पीरपैंती का मुद्दा: सांसद अजय मंडल के सवाल पर केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने दी जानकारी
- अडाणी पावर लिमिटेड (Adani Power) का चयन: 6 अगस्त 2025 को जारी हो चुका है ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LoI); 3 यूनिट से बनेगी 2400 मेगावाट बिजली
- रोजगार की बहार: निर्माण के दौरान 12,000 और प्लांट चालू होने पर 3,000 लोगों को मिलेगी नौकरी; किसानों को मिलेगी निर्बाध बिजली
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर/नई दिल्ली)
भागलपुर के औद्योगिक विकास को एक नई उड़ान मिलने वाली है। जिले के पीरपैंती में प्रस्तावित अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र (Ultra-Supercritical Thermal Power Plant) का रास्ता साफ हो गया है। लोकसभा में भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने पुष्टि की है कि इस महत्वकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी देश की दिग्गज कंपनी अडाणी पावर लिमिटेड (Adani Power Limited) को दी गई है।
सांसद ने पूछा- कब शुरू होगा काम?
सांसद अजय कुमार मंडल ने 12 फरवरी 2026 को लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से अतारांकित प्रश्न संख्या 2256 के माध्यम से पीरपैंती प्लांट की प्रगति और रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी मांगी थी।
- सरकार का जवाब: विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपाद नाईक ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि बिहार सरकार ने टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) के माध्यम से इस परियोजना को विकसित करने का निर्णय लिया है।
2400 मेगावाट बिजली, अडाणी को मिला जिम्मा
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पीरपैंती में 2,400 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट लगेगा। इसमें 800 मेगावाट की तीन यूनिट (3X800 MW) स्थापित की जाएंगी।
- स्टेटस: इस काम के लिए मेसर्स अडाणी पावर लिमिटेड का चयन किया गया है। कंपनी को 06 अगस्त 2025 को ही आशय पत्र (Letter of Intent – LoI) जारी किया जा चुका है।
- निर्माण: मंत्री ने बताया कि हालांकि परियोजना का निर्माण कार्य अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुआ है, लेकिन कंपनी को सभी वैधानिक मंजूरियां, ऐश डाइक, कोयला यार्ड और प्रदूषण नियंत्रण (FGD/फिल्टर) की योजनाएं प्रस्तुत करने को कहा गया है।
रोजगार के खुलेंगे द्वार
यह परियोजना भागलपुर और आसपास के इलाकों के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र बनेगी। सरकारी अनुमान के मुताबिक:
- निर्माण चरण में: लगभग 10,000 से 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
- परिचालन (Operation) चरण में: प्लांट शुरू होने के बाद लगभग 3,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
सांसद अजय मंडल ने आशा व्यक्त की है कि इससे न केवल औद्योगिक विकास होगा, बल्कि किसानों और ग्रामीणों को विश्वसनीय बिजली मिलेगी और क्षेत्र की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।


