- मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की ‘उद्योग वार्ता’: मखाना स्टार्टअप ‘एमबीए मखाना वाला’ को मिली बड़ी राहत, आउटलेट के लिए प्रशासन करेगा मदद
- ‘द फुटस्टेप्स ऑफ बुद्ध कॉरिडोर’: भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों को जोड़ने और बेहतर सड़कें बनाने के प्रस्ताव पर रिपोर्ट तलब
- पटना एयरपोर्ट के पास जुटी सरकार और कॉर्पोरेट जगत; 14 निवेशकों ने रखे AI, ऑक्सीजन प्लांट और शुगर मिल के प्रस्ताव
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार के औद्योगीकरण को नई रफ्तार देने के लिए गुरुवार (12 फरवरी) को पटना में एक अहम बैठक हुई। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने निवेशकों की समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि ऑन-स्पॉट समाधान के निर्देश भी दिए। ‘उद्योग वार्ता’ में सबसे ज्यादा चर्चा बिहार की पहचान बन चुके मखाना (Makhana) की रही। मुख्य सचिव ने मखाना को बिहार का ‘सुपरफूड’ बताते हुए इसे बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन को विशेष निर्देश दिए हैं।
‘एमबीए मखाना वाला’ को मिलेगा गंगा पथ पर ठिकाना
बैठक के दौरान ‘एमबीए मखाना वाला’ (MBA Makhana Wala) के सीईओ श्रवण कुमार रॉय ने एक दिलचस्प प्रस्ताव रखा।
- इनोवेशन: उन्होंने मखाना-आधारित स्वस्थ खाद्य उत्पाद जैसे मखाना डोसा, कुकीज आदि के लिए पटना में स्थाई आउटलेट खोलने की इच्छा जताई।
- मांग: उन्होंने पटना के मरीन ड्राइव यानी गंगा पथ पर स्टॉल लगाने की मांग की।
- एक्शन: मुख्य सचिव ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए पटना के जिलाधिकारी (DM) को निर्देश दिया कि उक्त उद्यमी को हर संभव मदद मुहैया कराई जाए, ताकि बिहार का यह सुपरफूड लोगों तक आसानी से पहुंचे।
बुद्ध कॉरिडोर और डिजास्टर मैनेजमेंट पर मंथन
बैठक में 14 निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें ए-आई (AI), ऑक्सीजन प्लांट, चीनी मिल और वित्त से जुड़े प्रस्ताव रखे गए।
- बुद्ध कॉरिडोर: उद्यमी दीपक कुमार ने ‘द फुटस्टेप्स ऑफ बुद्ध कॉरिडोर’ विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इसमें भगवान बुद्ध की यात्राओं और उपदेश स्थलों (राजगीर, बोधगया आदि) को जोड़ने और वहां अच्छी सड़कों के निर्माण की बात कही गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इस पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
- आपदा मुक्त बिहार: पैलेडियम इंडिया के सीईओ अमित पटजोशी ने ‘को-डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम’ का प्रस्ताव दिया, जिसे आपदा प्रबंधन विभाग को रेफर किया गया।
- एग्री-एनर्जी: आरमोन इंटरनेशनल के सीईओ अरुण कुमार सिंह ने ‘इंटीग्रेटेड एग्री-एनर्जी एंटरप्राइज प्रोग्राम’ का सुझाव दिया, जिसकी मुख्य सचिव खुद समीक्षा करेंगे।
निवेशकों की सुविधा: एयरपोर्ट के पास हुई बैठक
सरकार की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाहर से आने वाले निवेशकों की सुविधा के लिए यह बैठक सचिवालय के बजाय पटना एयरपोर्ट के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में आयोजित की गई।
बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, उद्योग सचिव कुंदन कुमार, निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता और ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।


