बिहार में पुलिसिंग का नया ब्लूप्रिंट: 11 जिलों के ‘रुरल SP’ का पावर और एरिया फिक्स; दारोगा से हवलदार तक को कर सकेंगे सस्पेंड

  • गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना; गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर समेत 11 जिलों के ग्रामीण एसपी (Rural SP) का क्षेत्राधिकार तय
  • बड़ा अधिकार: अपने क्षेत्र के दारोगा (SI), सिपाही और हवलदार को सीधे निलंबित कर सकेंगे ग्रामीण एसपी
  • अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए सितंबर 2022 में सृजित पदों को अब मिली पूरी ताकत

द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)

​बिहार में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए गृह विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 11 जिलों में तैनात ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) का क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) और उनके अधिकारों (Powers) को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिया गया है। गृह विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके तहत अब ये अधिकारी अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकेंगे।

इन 11 जिलों में तय हुआ ‘रुरल SP’ का इलाका

​सरकार ने जिन 11 जिलों के ग्रामीण एसपी का क्षेत्राधिकार तय किया है, उनमें गया, रोहतास, मुंगेर, बेगूसराय, भागलपुर, पूर्णिया, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सारण और बेतिया शामिल हैं।

जानें किस जिले में कौन सा इलाका आया रुरल SP के पास:

  • भागलपुर: कहलगांव-1 एवं कहलगांव-2 के एसडीपीओ और भागलपुर विधि-व्यवस्था डीएसपी के साथ इनके अंतर्गत आने वाले 18 थाने।
  • मुजफ्फरपुर: पूर्वी-1, पूर्वी-2 और सरैया एसडीपीओ के अलावा इनके अधीन आने वाले 24 थाने।
  • गया: नीमचक बथानी, टिकारी, इमामगंज, शेरघाटी-1 एवं शेरघाटी-2 के एसडीपीओ और इनके अधीन आने वाले करीब 33 थाने।
  • पटना (सारण/छपरा): मढ़ौरा-1, मढ़ौरा-2 एवं सोनपुर एसडीपीओ और उनके अधीन 18 थाने।
  • दरभंगा: बेनीपुर, बिरौल एसडीपीओ एवं सदर एसडीपीओ-2 और इनके तहत आने वाले 19 थाने।
  • रोहतास: सासाराम मुख्यालय, कोचस एसडीपीओ-2, डिहरी एसडीपीओ-2 और विक्रमगंज एसडीपीओ के साथ 28 थाने।
  • मुंगेर: सदर, तारापुर और हवेली खड़गपुर एसडीपीओ और इनके 12 थाने।
  • बेगूसराय: मंझौल, बखरी और बलिया एसडीपीओ के साथ 11 थाने।
  • पूर्णिया: बायसी, बनमनखी और धमदाहा एसडीपीओ और इनके 18 थाने।
  • सहरसा: सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ और इनके अधीन 9 थाने।
  • बेतिया: सदर-2 और नरकटियागंज एसडीपीओ तथा इनके अधीन 21 थाने।

रुरल SP को मिले ये बड़े अधिकार (Powers)

​गृह विभाग ने इन अधिकारियों को काम करने के लिए पर्याप्त शक्तियां भी दी हैं:

  1. सस्पेंशन का पावर: ग्रामीण एसपी अपने क्षेत्राधिकार में पदस्थापित दारोगा (SI) और उनसे नीचे के पदाधिकारी (सिपाही और हवलदार) को गलती पाए जाने पर सीधे निलंबित (Suspend) कर सकते हैं।
  2. पुलिस लाइन: पुलिस लाइन के पदाधिकारियों का निलंबन वे जिला एसपी (District SP) से विमर्श करने के बाद कर सकेंगे।
  3. निरीक्षण और रिपोर्ट: अपने क्षेत्र के थानों, प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करना, कांडों की समीक्षा, अपराध पंजी (Crime Register), डेली रिपोर्ट और पेट्रोलिंग चार्ट का नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण करना इनकी जिम्मेदारी होगी।
  4. परेड: उन्हें सप्ताह में कम से कम एक बार पुलिस परेड में भाग लेना होगा और पुलिस सभा में मौजूद रहना होगा।

​गौरतलब है कि सितंबर 2022 में बिहार पुलिस सेवा संवर्ग के तहत 181 नए पद सृजित किए गए थे, जिनमें ये 11 ग्रामीण एसपी के पद भी शामिल थे।

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