
- पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में 6 दिवसीय खेल महोत्सव का हुआ समापन; मंत्री सुनील कुमार ने विजेताओं को किया सम्मानित
- राज्य स्तरीय स्पर्धा में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मुजफ्फरपुर ने मारी बाजी, घोषित हुआ शीर्ष संस्थान
- मंत्री का ऐलान- अगले साल और भव्य होगा ‘उमंग-2027’; बोले- ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’ से खिलाड़ियों को मिल रहा सम्मान
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय खेल-कूद महोत्सव ‘उमंग-2026’ का बुधवार (12 फरवरी) को पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में रंगारंग समापन हुआ। छह दिनों तक चले इस महाकुंभ में बिहार के भविष्य यानी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), मुजफ्फरपुर को इस वर्ष का शीर्ष संस्थान (Top Institute) घोषित किया गया।
खेल के मैदान में किसने किसे पछाड़ा? (परिणाम एक नजर में)
इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीच हुई कांटे की टक्कर में कई जिलों ने बाजी मारी:
- क्रिकेट: फाइनल मुकाबले में सीतामढ़ी इंजीनियरिंग कॉलेज ने औरंगाबाद को हराकर खिताब अपने नाम किया।
- वॉलीबॉल: बालिका वर्ग में कटिहार ने बांका को हराया, जबकि बालक वर्ग में बख्तियारपुर ने अरवल को मात देकर ट्रॉफी उठाई।
- शतरंज (Chess):
- बालिका वर्ग: विद्या भारती (मुजफ्फरपुर) – प्रथम, आकांक्षा राज (पूर्णिया) – द्वितीय।
- बालक वर्ग: ऋषिकेश कुमार (सासाराम) – विजेता, शिव शेखर (मोतिहारी) – उपविजेता।
- टेबल टेनिस: बालिका वर्ग में गया विजेता बनी, जबकि बालक वर्ग में मुजफ्फरपुर ने खिताब जीता।
- कबड्डी: बालिका वर्ग में बख्तियारपुर (पटना) और बालक वर्ग में जमुई ने जीत दर्ज की।
- बैडमिंटन: बालिका वर्ग में वैशाली और बालक वर्ग में मधेपुरा विजेता रहे।
‘खेल से निखरता है व्यक्तित्व’: मंत्री सुनील कुमार
समारोह के मुख्य अतिथि और विभागीय मंत्री सुनील कुमार ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
- उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’ जैसी योजनाओं से खिलाड़ियों को सम्मान मिल रहा है।
- मंत्री ने घोषणा की कि छात्रों के जोश को देखते हुए अगले वर्ष ‘उमंग-2027’ का आयोजन और अधिक व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
1800 से ज्यादा छात्रों ने दिखाया दम
विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा ने बताया कि इस आयोजन को दो चरणों में बांटा गया था। 7 से 9 फरवरी तक पॉलिटेक्निक और 10 से 12 फरवरी तक इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए स्पर्धाएं हुईं। कुल मिलाकर लगभग 1,840 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें इंजीनियरिंग वर्ग से 930 प्रतिभागी शामिल थे।


