
- राधा मोहन, भिखारी ठाकुर और बिस्मिल्लाह खां समेत कई श्रेणियों में मिलेगा सम्मान; 2 वरिष्ठ कलाकारों को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’
- नवोदित और स्थापित दोनों श्रेणियों में मौका; लेखकों के लिए किताब होना अनिवार्य, पेपर कटिंग नहीं चलेगी
- कला एवं संस्कृति विभाग ने जारी की अधिसूचना; लिफाफे पर श्रेणी (स्थापित/नवोदित) लिखना न भूलें
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध कला-संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले कलाकारों को सम्मानित करने का वक्त आ गया है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग (सांस्कृतिक कार्य निदेशालय) ने ‘बिहार कला पुरस्कार (2025-26)’ के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। जो कलाकार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं, वे 6 मार्च 2026 तक अपना आवेदन भेज सकते हैं।
किन श्रेणियों में मिलेगा सम्मान?
यह पुरस्कार मुख्य रूप से दो क्षेत्रों— चाक्षुष कला (Visual Arts) और प्रदर्श कला (Performing Arts) में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को दिया जाएगा।
1. चाक्षुष कला (Visual Arts):
- राधा मोहन पुरस्कार: समकालीन कला एवं आर्ट फोटोग्राफी।
- कुमुद शर्मा पुरस्कार: समकालीन कला (केवल महिला कलाकारों के लिए)।
- सीता देवी पुरस्कार: लोक कला (Folk Art)।
- दिनकर पुरस्कार: चाक्षुष कला लेखन।
2. प्रदर्श कला (Performing Arts):
- पं० रामचतुर मल्लिक पुरस्कार: शास्त्रीय गायन।
- भिखारी ठाकुर पुरस्कार: रंगमंच (Theatre)।
- विन्ध्यवासिनी देवी पुरस्कार: लोक गायन।
- बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार: वाद्य वादन।
- अम्बपाली पुरस्कार: शास्त्रीय एवं लोक नृत्य।
- रामेश्वर सिंह काश्यप पुरस्कार: प्रदर्श कला लेखन।
इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर ‘राष्ट्रीय सम्मान’ और राज्य के दो वरिष्ठ कलाकारों को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ से भी नवाजा जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
प्रत्येक पुरस्कार एक ‘स्थापित’ (Established) और एक ‘नवोदित’ (Emerging) कलाकार को दिया जाएगा।
- नवोदित कलाकार: आयु 1 जुलाई 2025 को न्यूनतम 15 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए।
- स्थापित कलाकार: इनके लिए कोई आयु सीमा नहीं है, लेकिन चयन का आधार उनकी ‘असाधारण उपलब्धि’ (Extraordinary Achievement) होगी।
आवेदन की शर्तें: लेखकों के लिए कड़े नियम
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के साथ कलाकार को अपना बायोडाटा, आधार, पैन और बैंक खाता (लिंक मोबाइल नंबर के साथ) देना अनिवार्य है।
- लेखकों के लिए विशेष निर्देश: दिनकर पुरस्कार और रामेश्वर सिंह काश्यप पुरस्कार (लेखन श्रेणी) के लिए केवल अखबार की कतरन (Paper Cuttings) को उपलब्धि का प्रमाण नहीं माना जाएगा। इसके लिए संबंधित क्षेत्र में पुस्तक प्रकाशित होना अनिवार्य है।
- साक्ष्य: कलाकारों को अपनी कला से संबंधित राज्य व राष्ट्रीय स्तर के 10 सबसे महत्वपूर्ण प्रदर्शनों के साक्ष्य (फोटोग्राफ आदि) संलग्न करने होंगे।
कैसे और कहां भेजें आवेदन?
इच्छुक कलाकार अपना आवेदन 6 मार्च 2026 तक नीचे दिए गए पते पर भेज सकते हैं:
सेवा में,
निदेशक, सांस्कृतिक कार्य,
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार, पटना।
नोट: लिफाफे के ऊपर संबंधित पुरस्कार का नाम और श्रेणी (स्थापित या नवोदित) का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य है।


