- सोने-चांदी नहीं, अब अस्पताल में चप्पल पर हाथ साफ कर रहे चोर; सीसीटीवी फुटेज देख प्रबंधन भी रह गया दंग
- पकड़ी गई महिला ने गलती मानी, मरीज के भर्ती होने के कारण चेतावनी देकर छोड़ा गया
- प्रबंधक धीरज कुमार का बड़ा फैसला- अब डिलीवरी रूम में आशा कार्यकर्ताओं की एंट्री पर रोक
द वॉयस ऑफ बिहार (शेखपुरा)
अस्पतालों में अक्सर मोबाइल या पैसे चोरी होने की घटनाएं सुनने को मिलती हैं, लेकिन शेखपुरा सदर अस्पताल में एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां चोरों की नजर अब मरीजों और कर्मचारियों के जूतों-चप्पलों पर है। ताजा मामला लेबर रूम (प्रसव कक्ष) के बाहर का है, जहां ड्यूटी पर तैनात एक आशा कार्यकर्ता की नई चप्पल चोरी हो गई। गनीमत रही कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी (CCTV) ने चोर को बेनकाब कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
सदर अस्पताल में लगातार हो रही चप्पल चोरी की घटनाओं से परेशान होकर एक आशा कार्यकर्ता ने अस्पताल प्रबंधन से लिखित शिकायत की।
- घटना: आशा कार्यकर्ता ने ड्यूटी के दौरान अपनी चप्पल लेबर रूम के बाहर उतारी थी। जब वह वापस लौटीं, तो चप्पल गायब थी। काफी खोजबीन के बाद जब कुछ पता नहीं चला, तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार से गुहार लगाई।
- सीसीटीवी जांच: शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधक ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज खंगालने का निर्देश दिया।
फुटेज में कैद हुई ‘चप्पल चोर’
जांच के दौरान कैमरे में सब कुछ साफ हो गया। फुटेज में एक महिला बड़े आराम से आशा कार्यकर्ता की चप्पल पहनकर वहां से जाती हुई दिखाई दी।
- पहचान: फुटेज के आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने महिला को पकड़ लिया। पूछताछ में महिला ने चोरी की बात स्वीकार कर ली और चप्पल वापस उसी जगह रख दी।
- माफीनामा: महिला की पहचान शहर के महादेव नगर मोहल्ला निवासी के रूप में हुई। वह अपने गांव से एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए लेकर आई थी। चूंकि उसकी मरीज अस्पताल में भर्ती थी, इसलिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रबंधक ने उसे कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया।
अब डिलीवरी रूम में आशा की ‘नो एंट्री’
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार ने तत्काल प्रभाव से एक नया आदेश जारी किया है:
- प्रवेश वर्जित: अब किसी भी आशा कार्यकर्ता को डिलीवरी रूम के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- सतर्कता: अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से अपील की गई है कि वे अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करें और सतर्क रहें।


