बाढ़ कोर्ट में फिर ‘बम’ का साया, कामकाज ठप: वकीलों का फूटा गुस्सा; बोले- ‘चांद पर पहुंच गया देश, पर पुलिस एक धमकी देने वाले को नहीं पकड़ पा रही’

  • गुरुवार को फिर मिली बम की सूचना, खाली कराया गया कोर्ट; पिछले कुछ महीनों में छठी बार हुई ऐसी घटना
  • इंटेलिजेंस ब्यूरो और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल; वकीलों ने कहा- ‘मैसेज भेजने वाले को पकड़ने में सिस्टम पूरी तरह फेल’
  • बेल न होने से जेल में बढ़ रही कैदियों की भीड़; वकीलों की मांग- बाढ़ में ही तैनात हो डॉग स्क्वायड टीम

द वॉयस ऑफ बिहार (बाढ़/पटना)

​पटना जिले के बाढ़ व्यवहार न्यायालय (Barh Civil Court) की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है। गुरुवार को एक बार फिर कोर्ट परिसर में बम होने की सूचना मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने डॉग स्क्वायड (Dog Squad) को बुलाकर जांच शुरू की और न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप कर दिया गया।

​यह पहली बार नहीं है। हाल के महीनों में यह लगातार छठी बार है जब बम की झूठी सूचना (Hoax Call/Message) देकर कोर्ट का काम रोका गया है। रोज-रोज के इस मजाक से अब अधिवक्ता (वकील) और आम जनता का धैर्य जवाब दे गया है।

‘चांद पर जाने की बात करते हैं, अपराधी को खोज नहीं पाते’

​बार-बार हो रही इस परेशानी से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने गुरुवार को पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

  • ​वकीलों का कहना है कि बिहार की पुलिसिंग व्यवस्था और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।
  • ​एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने तंज कसते हुए कहा, “एक तरफ देश चांद-तारों पर जाने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारी हाई-टेक पुलिस यह पता नहीं लगा पा रही है कि धमकी भरा मैसेज आखिर आ कहां से रहा है? अपराधी खुलेआम सिस्टम को चुनौती दे रहा है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।”

मुवक्किल परेशान, जेल में जगह नहीं

​न्यायालय का कामकाज ठप होने का सबसे बुरा असर दूर-दराज से आने वाले फरियादियों और जेल में बंद कैदियों पर पड़ रहा है।

  • फरियादी: गांव-देहात से न्याय की आस में आए लोग दिनभर कोर्ट के बाहर बैठकर समय काटते हैं और शाम को बिना सुनवाई के निराश होकर घर लौट जाते हैं।
  • जेल: अधिवक्ताओं ने बताया कि रोज कामकाज बाधित होने से जमानत (Bail) की सुनवाई नहीं हो पा रही है। जेल में नए कैदी तो आ रहे हैं, लेकिन पुराने छूट नहीं रहे, जिससे जेल पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

वकीलों की मांग: बाढ़ में रहे डॉग स्क्वायड

​अधिवक्ताओं ने प्रशासन से इस समस्या के स्थाई समाधान की मांग की है। उनका सुझाव है कि:

  1. स्थाई तैनाती: पटना से डॉग स्क्वायड बुलाने में समय बर्बाद होता है, इसलिए डॉग स्क्वायड टीम को बाढ़ में ही तैनात किया जाए।
  2. सुबह हो जांच: न्यायालय खुलने के समय ही हर दिन परिसर की सघन जांच कर ली जाए, ताकि बीच काम में व्यवधान न आए और न्यायिक कार्य सुचारू रूप से चल सके।
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