भागलपुर जंक्शन का बदलेगा नक्शा: पूर्व रेलवे GM का ‘मैराथन’ निरीक्षण; यार्ड रिमॉडलिंग और डबल लाइन प्रोजेक्ट पकड़ेगा रफ्तार

  • पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने भागलपुर, बांका और गोड्डा स्टेशनों का किया व्यापक निरीक्षण; सुरक्षा पर दिया जोर
  • भागलपुर में यार्ड रिमॉडलिंग और ‘होल्डिंग एरिया’ पर बनी सहमति; भविष्य में बढ़ेंगी ट्रेनों की संख्या
  • बांका और गोड्डा में ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना की समीक्षा; जसीडीह बाईपास और दुमका रेललाइन पर भी बड़ा अपडेट

द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर/मालदा)

​पूर्व रेलवे (Eastern Railway) के महाप्रबंधक (GM) श्री मिलिंद देऊस्कर ने बुधवार (12 फरवरी, 2026) को हावड़ा, आसनसोल और मालदा मंडल के विभिन्न रेलखंडों का तूफानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भागलपुर जंक्शन समेत बांका, गोड्डा, दुमका और देवघर स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। उनके साथ मालदा डिवीजन के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता और अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

1. भागलपुर जंक्शन: यार्ड रिमॉडलिंग और भविष्य की तैयारी

​महाप्रबंधक ने क्षेत्र के सबसे प्रमुख स्टेशन भागलपुर का बारीकी से जायजा लिया।

  • यार्ड रिमॉडलिंग: जीएम ने स्टेशन पर चल रहे यार्ड पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यार्ड का डिजाइन ऐसा हो जो ‘भविष्य की क्षमता’ (Future Capacity) को ध्यान में रखकर बनाया जाए, ताकि आने वाले समय में ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर परिचालन में कोई दिक्कत न हो।
  • सुविधाएं: उन्होंने क्रू लॉबी, रनिंग रूम और प्रस्तावित ‘होल्डिंग एरिया’ का भी निरीक्षण किया।
  • डबल लाइन: निरीक्षण के दौरान डबल लाइन परियोजना को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया।
  • बैठक: स्टेशन परिसर में भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार शाह और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यात्री सुविधाओं पर चर्चा हुई। जीएम ने साफ कहा कि ट्रैक पर भारी वाहनों के आर-पार होने की घटनाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए।

2. बांका और गोड्डा: ‘अमृत भारत स्टेशन’ की सौगात

​जीएम का यह दौरा ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ की प्रगति जानने के लिए भी अहम था।

  • बांका: महाप्रबंधक ने बांका स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों और एरिया बुकिंग सिस्टम (ABS) का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को परेशानी न होने देने की हिदायत दी।
  • गोड्डा: यहाँ उन्होंने कोचिंग डिपो (Coaching Depot) के कार्यों की समीक्षा की। जीएम ने कहा कि गोड्डा से नई ट्रेनें शुरू करने के लिए कोचिंग डिपो का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने स्टेशन की बिल्डिंग और वेटिंग एरिया को ‘विश्व स्तरीय’ बनाने का निर्देश दिया।

3. दुमका और जसीडीह: सुरक्षा और कनेक्टिविटी

  • दुमका: जीएम ने यहाँ लोको पायलट और गार्ड्स के लिए बने रनिंग रूम का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा लोको पायलट के हाथों में है, इसलिए उनका अच्छी तरह आराम करना (Rest) अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
  • जसीडीह बाईपास: देवघर और जसीडीह के निरीक्षण के दौरान उन्होंने जसीडीह बाईपास लाइन को रणनीतिक प्राथमिकता बताया। इस लाइन के बनने से ट्रेनों को भीड़भाड़ वाले जसीडीह जंक्शन पर जाए बिना पास कराया जा सकेगा, जिससे समय की बचत होगी।

‘सुरक्षा से समझौता नहीं’

​अपने दौरे के अंत में महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने स्पष्ट संदेश दिया कि रेलवे में “सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं (Safety on no compromise)” किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यात्री सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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