- बिहार विधानमंडल परिसर में निर्दलीय MLC वंशीधर बृजवासी का अनोखा प्रदर्शन; गले में पोस्टर डालकर जताया विरोध
- सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप; कहा- ‘अपने ही बनाए नियमों का पालन नहीं कर रही सरकार’
- नारेबाजी कर उठाया विद्यालय सहायक और परिचारी का मुद्दा; अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा नजारा देखने को मिला। निर्दलीय विधान पार्षद (MLC) वंशीधर बृजवासी ने अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान खींचने के लिए ‘गांधीगिरी’ वाला रास्ता अपनाया। वे गले में पोस्टर और हाथों में तख्तियां लेकर सदन के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
‘सहायक परिचारी रोते हैं, अधिकारी सोते हैं’
MLC वंशीधर बृजवासी ने विद्यालय सहायक और परिचारी (School Assistant and Attendant) की बहाली और उनकी समस्याओं को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उनके गले में लटके पोस्टर पर एक स्लोगन लिखा था जिसने सबका ध्यान खींचा:
“सहायक परिचारी रोते हैं, विभाग के अधिकारी सोते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं, जबकि प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं।
‘नियम बनाकर खुद भूल गई सरकार’
मीडिया से बात करते हुए MLC ने कहा कि राज्य सरकार की कथनी और करनी में फर्क है।
- नियमों की अनदेखी: उन्होंने कहा, “सरकार ने खुद ही विद्यालय सहायक और परिचारी की नियुक्ति के लिए नियम बनाए थे, लेकिन अब सरकार अपने ही बनाए हुए नियमों का पालन नहीं कर रही है।”
- भर्ती का मुद्दा: उन्होंने अनुकंपा और सीधी भर्ती के नियमों में हो रही देरी और विसंगतियों को लेकर अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
वंशीधर बृजवासी ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार सहायक परिचारियों के हित में फैसला नहीं लेती और अपने नियमों को सही ढंग से लागू नहीं करती, उनका यह संघर्ष सदन से लेकर सड़क तक जारी रहेगा।


