भागलपुर में भारत बंद का दिखा असर: समाहरणालय गेट पर वाम दलों का हल्ला बोल; केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी

  • केंद्र सरकार के खिलाफ एक्टू (AICCTU) और सीटू (CITU) समेत कई वाम संगठनों ने किया प्रदर्शन
  • हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर समाहरणालय गेट पर जुटी भीड़; महंगाई, बेरोजगारी और श्रमिक कानूनों पर उठाया सवाल
  • प्रदर्शनकारियों का आरोप- ‘सरकार की नीतियां मजदूर और किसान विरोधी हैं, जनता त्रस्त है’

द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)

​केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बुलाए गए ‘भारत बंद’ (Bharat Bandh) का असर सिल्क सिटी भागलपुर में भी साफ तौर पर देखने को मिला। बुधवार को शहर के समाहरणालय गेट (Collectorate Gate) पर विभिन्न वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सड़क पर उतरे एक्टू और सीटू कार्यकर्ता

​इस विरोध प्रदर्शन में वामपंथी संगठनों, विशेषकर एक्टू (AICCTU) और सीटू (CITU) से जुड़े सैकड़ों महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

  • ​प्रदर्शनकारी हाथों में लाल झंडे, बैनर और अपनी मांगों की तख्तियां लिए हुए थे।
  • ​उन्होंने समाहरणालय गेट पर इकट्ठा होकर घंटों प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

‘महंगाई और बेरोजगारी से जनता बेहाल’

​प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों को पूरी तरह से श्रमिक और किसान विरोधी करार दिया।

  • ​उनका कहना था कि सरकार नए लेबर कोड (Labor Codes) के जरिए मजदूरों के अधिकारों को खत्म कर रही है।
  • ​इसके अलावा, देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
  • ​प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करती और मजदूरों-किसानों की मांगें नहीं मानती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
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