सदन में गूंजी पीरपैंती की पीड़ा: अस्पताल में धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन, डॉक्टर नदारद; विधायक मुरारी पासवान ने अपनी ही सरकार से किये कड़े सवाल

  • बिहार विधानसभा बजट सत्र: पीरपैंती रेफरल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर विधायक ने उठाए सवाल
  • वर्षों से नहीं है कोई महिला डॉक्टर (Gynaecologist); गर्भवती महिलाओं और नवजातों की जान पर बना रहता है खतरा
  • लाखों की मशीन बेकार: ऑपरेटर नहीं होने से अल्ट्रासाउंड कक्ष में लटका है ताला, निजी क्लीनिकों में लुटने को मजबूर मरीज

द वॉयस ऑफ बिहार (पटना/भागलपुर)

​बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भागलपुर जिले के पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई। सदन में पीरपैंती के विधायक मुरारी पासवान ने अपने क्षेत्र के रेफरल अस्पताल की दुर्दशा का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया कि अस्पताल केवल ‘रेफरल’ बनकर रह गया है, जहां इलाज कम और रेफर ज्यादा होता है।

वर्षों से खाली है महिला डॉक्टर का पद

​विधायक मुरारी पासवान ने सदन में कहा कि पीरपैंती रेफरल अस्पताल में पिछले कई वर्षों से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) की नियुक्ति नहीं हुई है।

  • असर: महिला डॉक्टर नहीं होने के कारण क्षेत्र की हजारों महिलाओं, गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • ​प्रसव के दौरान जटिलता आने पर उन्हें भागलपुर या अन्य जगह भागना पड़ता है, जिससे कई बार जच्चा-बच्चा की जान पर बन आती है।

मशीन है, पर चलाने वाला कोई नहीं

​विधायक ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक और बड़ा उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में लाखों रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड मशीन तो लगा दी गई है, लेकिन उसे चलाने के लिए आज तक किसी प्रशिक्षित टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं की गई है।

  • नतीजा: मशीन बंद कमरे में धूल फांक रही है।
  • निजी अस्पतालों की चांदी: सरकारी सुविधा बंद होने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरन निजी जांच घरों और अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां उनसे मनमाना पैसा वसूला जाता है।

सरकार से की तुरंत बहाली की मांग

​विधायक ने सरकार से मांग की है कि पीरपैंती की जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द अस्पताल में एक स्थायी महिला डॉक्टर (Gynaecologist) और अल्ट्रासाउंड टेक्नीशियन की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि सुदूर ग्रामीण इलाका होने के कारण यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का होना अत्यंत आवश्यक है।

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