भागलपुर में अब CCTV रखना अनिवार्य: SSP का कड़ा निर्देश; दुकान, स्कूल और अस्पतालों को रखना होगा 30 दिनों का बैकअप

  • अपराध नियंत्रण को लेकर SSP ने जारी की नई गाइडलाइन; शहर के 1900 कैमरों की समीक्षा में मिलीं खामियां
  • दुकान, मॉल, बैंक और सार्वजनिक संस्थानों को मानने होंगे नियम; केवल अंदर नहीं, सड़क की गतिविधियों पर भी रखनी होगी नजर
  • फरवरी के अंतिम सप्ताह तक मिला अल्टीमेटम; एसपी सिटी (SP City) को सौंपी गई अनुपालन की जिम्मेदारी

द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)

​भागलपुर में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को एक अहम आदेश जारी किया है। जिले में लगे सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और कार्यक्षमता की समीक्षा के बाद पुलिस ने अब शहर के दुकानदारों, संस्थाओं और प्रबंधकों के लिए नई और सख्त गाइडलाइन तय कर दी है।

1900 कैमरे लगे हैं, लेकिन विजिबिलिटी सही नहीं

​एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, समीक्षा के दौरान पाया गया कि भागलपुर जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगभग 1900 सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित हैं। लेकिन, इनमें से अधिकांश कैमरों की दृष्टिता (Visibility) या दिशा ऐसी है कि वे अपराध नियंत्रण के दृष्टिकोण से उपयुक्त नहीं हैं। इसी व्यवस्था को सुधारने के लिए अब 3 प्रमुख निर्देश जारी किए गए हैं:

1. सड़क की ओर कैमरा रखना हुआ अनिवार्य

​अक्सर देखा गया है कि कई दुकानों, शोरूम और प्रतिष्ठानों में कैमरे केवल भवन के अंदर की ओर केंद्रित होते हैं। इससे सड़क पर होने वाली छीनतई, मारपीट या अन्य अपराधों के अनुसंधान में पुलिस को मदद नहीं मिल पाती।

  • नया नियम: अब दुकान या संस्था के मालिकों और प्रबंधकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कुछ कैमरों का फोकस (दृष्टिता) सड़क की ओर भी हो, ताकि बाहर की गतिविधियां भी कैद हो सकें।

2. 30 दिनों का बैकअप (Recording) रखना जरूरी

​’बिहार पब्लिक सेफ्टी एक्ट’ के तहत अब सार्वजनिक जमावड़े वाली जगहों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं।

  • किन पर लागू होगा नियम: वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान (स्कूल-कॉलेज), अस्पताल, खेल परिसर, रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव, बैंकिंग संस्थानों के बाहरी परिसर और संगठित बाजार।
  • निर्देश: इन जगहों के मालिकों को उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि सीसीटीवी फुटेज का संग्रहण (Storage) कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रहे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस या प्रशासन को उपलब्ध कराया जा सके।

3. भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लगेंगे अतिरिक्त कैमरे

​जिले के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने इलाके के भीड़-भाड़ वाले स्थानों का भौतिक निरीक्षण करें। उन्हें एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी कि किन जगहों पर और कितने अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की आवश्यकता है।

फरवरी अंत तक का मिला समय

​एसएसपी ने सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अंचल निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह तक इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। इस पूरे अभियान की निगरानी और प्रभावी अनुपालन की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक (नगर) यानी City SP को सौंपी गई है।

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