
- कला एवं संस्कृति विभाग की पहली त्रैमासिक पत्रिका है ‘कला संवाद’, हर तीन महीने पर होगी प्रकाशित
- मंत्री बोले- यह मैगजीन आम लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का बनेगी सशक्त माध्यम
- राज्य की समृद्ध लोक कलाओं और प्रतिभाशाली कलाकारों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है मुख्य उद्देश्य
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार की लोक कला, संस्कृति और यहां की छुपी हुई प्रतिभाओं को नया मुकाम दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक शानदार पहल की है। बुधवार (11 फरवरी) को कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से अपनी पहली त्रैमासिक (Quarterly) पत्रिका ‘कला संवाद’ का एक गरिमामय समारोह में विमोचन किया गया। विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने इस पत्रिका को लॉन्च करते हुए इसे कलाकारों के लिए एक नई प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बताया।
आम लोगों से सीधे जुड़ेगा विभाग
विमोचन समारोह के बाद विभागीय अधिकारियों और गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि ‘कला संवाद’ पत्रिका को नियमित रूप से हर तीन महीने पर प्रकाशित किया जाएगा।
- इसका मुख्य उद्देश्य पाठकों और आम जनता तक कला एवं संस्कृति विभाग की तमाम गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रयासों की सटीक जानकारी पहुंचाना है।
- मंत्री ने कहा कि यह पत्रिका विभाग और आम लोगों के बीच सीधा संवाद (Direct Communication) स्थापित करने का एक बेहतरीन माध्यम साबित होगी।
ग्रामीण कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच और पहचान
इस त्रैमासिक पत्रिका का खास फोकस राज्य की उन लोक कलाओं और प्रतिभाशाली कलाकारों पर होगा, जिन्हें अक्सर उचित मंच नहीं मिल पाता है।
- मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इस मैगजीन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सामने लाया जाएगा।
- जब कलाकारों के योगदान और उनकी कला को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, तो उनका मनोबल बढ़ेगा। इससे वे ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी और बिहार की एक नई पहचान स्थापित कर सकेंगे।
अपने संबोधन में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने राज्य की लोक कलाओं के संरक्षण और उन्हें बढ़ावा देने में दिन-रात लगे सभी कलाकारों के प्रति अपना विशेष आभार व्यक्त किया और उनके शानदार योगदान की जमकर सराहना की।
समारोह में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस गरिमामय विमोचन समारोह में कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, कला सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, संग्रहालय के निदेशक कृष्ण कुमार और विभाग की उप सचिव कहकशां सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।


