
पटना | 11 फरवरी
बिहार के उच्च शिक्षा विभाग में कामकाज को और अधिक सुचारू और तेज बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. एनके अग्रवाल को अब बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद (BSHEC) के उपाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। करीब 5 महीने से खाली पड़े इस अहम पद पर नियुक्ति के बाद अब परिषद के अटके हुए कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
खबर की 3 सबसे बड़ी बातें:
- अतिरिक्त प्रभार: डॉ. एनके अग्रवाल अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों (निदेशक, उच्च शिक्षा) के साथ-साथ परिषद के उपाध्यक्ष का कार्यभार भी संभालेंगे।
- अंतरिम व्यवस्था: यह प्रभार तब तक के लिए है, जब तक कि इस पद पर किसी की नियमित (Regular) नियुक्ति नहीं हो जाती।
- 5 महीने से था खाली: पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. कामेश्वर झा का कार्यकाल 22 सितंबर 2025 को ही समाप्त हो गया था, तब से यह पद रिक्त था।
कामकाज न रुके, इसलिए सरकार ने लिया त्वरित फैसला
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि परिषद के कार्यों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए यह अंतरिम (Interim) व्यवस्था की गई है। उच्चतर शिक्षा परिषद राज्य में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता और नई शिक्षा नीतियों के क्रियान्वयन में एक ‘थिंक टैंक’ और रेगुलेटरी बॉडी की तरह काम करती है। ऐसे में उपाध्यक्ष का पद लंबे समय तक खाली रखना मुमकिन नहीं था।
शिक्षा मंत्री होते हैं परिषद के अध्यक्ष
बता दें कि बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के पदेन अध्यक्ष राज्य के शिक्षा मंत्री होते हैं, जबकि उपाध्यक्ष का पद किसी वरिष्ठ शिक्षाविद् या अधिकारी को सौंपा जाता है जो परिषद के रोजमर्रा के कामकाज और रणनीतियों को जमीन पर उतारने का काम करते हैं। डॉ. एनके अग्रवाल के पास उच्च शिक्षा विभाग का लंबा अनुभव है, जिसका सीधा फायदा अब परिषद को मिलेगा।


