
पटना/लखीसराय | 11 फरवरी
बिहार के गांवों में अब बदलाव की बयार बह रही है और इस बदलाव की अगुवाई कर रही हैं गांव की बेटियां। पंचायती राज विभाग के ‘स्थानीय सतत विकास लक्ष्य’ (LSDG) के तहत महिला हितैषी थीम का शानदार असर लखीसराय जिले की नोनगढ़ पंचायत में देखने को मिल रहा है। यहां महज 17-18 साल की कॉलेज जाने वाली लड़कियां पूरे गांव को सेहतमंद बनाने की मुहिम में जुट गई हैं और रोजाना सुबह लोगों को फ्री ‘एडवांस योगा’ सिखा रही हैं।
खबर की 3 सबसे बड़ी बातें:
- 2 घंटे की फ्री क्लास: गांव की 4 छात्राएं रोजाना सुबह 5 से 7 बजे तक पंचायत के कॉलेज मैदान में योगासन की ट्रेनिंग देती हैं।
- महिलाओं में गजब का उत्साह: इस योगा कैंप में रोजाना करीब 100 लोग शामिल हो रहे हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे अधिक है।
- नेशनल लेवल पर भी जलवा: ये छात्राएं सिर्फ गांव में ट्रेनिंग नहीं दे रहीं, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की योगा प्रतियोगिताओं में भी अपना लोहा मनवा चुकी हैं।
इन 4 छात्राओं ने उठाया है बीड़ा
नोनगढ़ की इस स्वास्थ्य क्रांति के पीछे चार युवा चेहरों की मेहनत है। इनमें राजनंदिनी कुमारी (18 वर्ष), अंजू कुमारी (17 वर्ष), सिमरन कुमारी (17 वर्ष) और अनु कुमारी (17 वर्ष) शामिल हैं। ये चारों इसी पंचायत के कॉलेज में पढ़ती हैं। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इन्होंने गांव वालों के स्वास्थ्य को सुधारने का जिम्मा उठाया है। सुबह-सुबह जब गांव उठता है, तब ये बेटियां कॉलेज के मैदान में लोगों को कठिन योगासन बड़ी आसानी से सिखा रही होती हैं।
पंचायत के प्रयास से मिला हौसला
नोनगढ़ पंचायत की मुखिया जुली देवी बताती हैं कि पंचायत में महिलाओं के उत्थान और लड़कियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद व योगा से जोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी माहौल ने इन बच्चियों को प्रेरित किया।
मुखिया जुली देवी ने बताया: “इन सत्रों का सबसे बड़ा असर गांव की महिलाओं पर पड़ा है। वे अब अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी जागरूक हो गई हैं। सुबह योगा करने के बाद वे दिनभर पूरे उत्साह से अपना घरेलू कामकाज करती हैं। पंचायत में समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर और जनसंवाद भी आयोजित किए जाते हैं। यहां तक कि महीने में एक बार प्रोफेशनल योगा ट्रेनर भी गांव आकर विशेष प्रशिक्षण देते हैं।”
एक्सपर्ट व्यू: शारीरिक ही नहीं, मानसिक सेहत भी होती है मजबूत
बोधगया स्थित श्री श्री गुरुकुल के आचार्य आदर्श मिश्रा भी नोनगढ़ की बेटियों की इस पहल की सराहना करते हैं।
आचार्य आदर्श मिश्रा कहते हैं: “योग महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनकी भावनात्मक और मानसिक सेहत को भी बेहद मजबूत बनाता है। इससे उनके अंदर गजब का आत्मविश्वास आता है। यदि महिलाएं प्रतिदिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें, तो उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुत बड़े और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।”


