रोजगार का जोखिम: हर दिन रस्सी के सहारे गंगा पार ‘कारगिल दियारा’ जाता था युवक; सिर में गंभीर चोट लगने से गई जान, परिवार में मचा कोहराम
वॉइस ऑफ बिहार (भागलपुर/नवगछिया)
भागलपुर में जीवन-यापन के लिए जान जोखिम में डालने का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। इस्माईलपुर थाना क्षेत्र के जाह्नवी चौक से आगे, विक्रमशिला सेतु (Vikramshila Setu) के नीचे उतरने के दौरान रस्सी टूट जाने से एक दूध विक्रेता की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब युवक गंगा नदी के किनारे जाने के लिए पुल से लटकी एक रस्सी के सहारे नीचे उतर रहा था।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
मृतक की पहचान इस्माईलपुर पश्चिमी भिट्ठा के पुवारी टोला निवासी पप्पू यादव के पुत्र रंजीत यादव के रूप में हुई है।
- रोजाना का था जोखिम: रंजीत पेशे से एक दूध विक्रेता था। दूध लाने के लिए वह हर दिन विक्रमशिला सेतु से एक रस्सी के सहारे नीचे गंगा के किनारे उतरता था, और वहां से नाव या अन्य साधन पकड़कर ‘कारगिल दियारा’ (Kargil Diara) जाता था।
- रस्सी ने दिया धोखा: मंगलवार को भी रंजीत उसी रस्सी के सहारे नीचे उतर रहा था, तभी अचानक रस्सी बीच से टूट गई। रंजीत सीधे नीचे जा गिरा।
- सिर में आई गंभीर चोट: ऊंचाई से सीधे नीचे गिरने के कारण रंजीत के सिर में बेहद गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
घर का इकलौता सहारा था रंजीत
रंजीत दूध बेचकर ही अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण करता था। हादसे की खबर जैसे ही उसके गांव इस्माईलपुर पश्चिमी भिट्ठा पहुंची, मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है।
मुखिया प्रतिनिधि ने की पुष्टि, पुलिस बेखबर
इस घटना को लेकर स्थानीय पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अनिल पोद्दार ने बताया कि रस्सी के अचानक टूट जाने के कारण रंजीत ऊंचाई से गिरा, जिससे उसे घातक चोटें आईं और उसकी जान चली गई।
दूसरी ओर, इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्थानीय पुलिस फिलहाल इससे बेखबर नजर आ रही है। इस्माईलपुर थानाध्यक्ष से जब इस बाबत पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि पुलिस को अब तक इस घटना के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना या आवेदन नहीं मिला है।


