बिहार में पशु स्वास्थ्य सेवा होगी हाईटेक: अब अस्पतालों में मिलेंगी एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं; बड़ा ऐलान

पशुपालकों के लिए खुशखबरी: अनुमंडल स्तर पर लगेंगी डिजिटल एक्स-रे मशीनें, 24×7 अस्पतालों में होगी अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था; सटीक होगा इलाज

वॉइस ऑफ बिहार (पटना)

​बिहार सरकार राज्य के पशुपालकों को बड़ी सौगात देने जा रही है। पशु स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बिहार बजट 2026-27 में पशु चिकित्सालयों को हाईटेक मशीनों से लैस करने की घोषणा की गई है। अब पशुओं का इलाज केवल अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि आधुनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर होगा।

अनुमंडल स्तर तक पहुंचेगी डिजिटल तकनीक

​सरकार की योजना के मुताबिक, अब अनुमंडल स्तरीय पशु चिकित्सालयों में डिजिटल एक्स-रे प्रणाली स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, जो पशु चिकित्सालय 24×7 (दिन-रात) कार्यरत हैं, वहां अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई जाएंगी।

  • सटीक जांच: अल्ट्रासाउंड की सुविधा से पशुओं की गर्भ जांच और आंतरिक रोगों का त्वरित निदान हो सकेगा।
  • बेहतर इलाज: डिजिटल एक्स-रे से चोट या हड्डी से जुड़ी समस्याओं की पहचान आसान होगी, जिससे पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी।

1962 डायल करते ही घर पहुंचेगा डॉक्टर

​बिहार सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं को ‘डोर-स्टेप’ (दरवाजे तक) पहुंचाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1962 जारी किया है। पशुपालक एक कॉल कर एम्बुलेटरी वैन या मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट को अपने घर बुला सकते हैं।

मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट की विशेषताएं:

  • GPS युक्त वाहन: ये वाहन पूरी तरह ट्रैकेबल हैं।
  • मिनी ऑपरेशन थिएटर: इनमें लघु सर्जरी, कृत्रिम गर्भाधान और दवाओं की पूरी व्यवस्था है।
  • व्यापक पहुंच: वर्तमान में 534 मोबाइल यूनिट और 58 एम्बुलेटरी वैन गांव-गांव में सेवाएं दे रही हैं।

2005 के मुकाबले बुनियादी ढांचे में भारी बदलाव

​सरकार का दावा है कि 2005 से पहले पशु चिकित्सा सुविधाएं बेहद सीमित थीं, लेकिन अब सभी जिला मुख्यालयों में 24×7 चिकित्सा सेवा शुरू कर दी गई है। बुनियादी ढांचे में सुधार का ही नतीजा है कि अब पशुपालकों को निजी क्लीनिकों के महंगे चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

​विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन आधुनिक मशीनों की स्थापना से न केवल पशुओं का जीवन बचेगा, बल्कि दूध उत्पादन और पशुपालन से जुड़ी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

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