पटना| बिहार में सरकारी नौकरी और प्रेम प्रसंगों का चोली-दामन का साथ है। हाल ही में एक ऐसी लव स्टोरी (Love Story) चर्चा में है, जो एक फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 8 साल के प्यार को जब प्रेमिका ने ‘बेरोजगारी’ का ताना देकर ठुकरा दिया, तो प्रेमी ने देवदास बनने के बजाय ‘सत्तू भैया’ (फिल्म किरदार) बनना सही समझा।
1. 8 साल का रिश्ता, वर्दी आते ही टूट गया
कहानी एक लड़के और लड़की की है जो पिछले 8 सालों से रिलेशन में थे।
- मोड़: पिछली बहाली में लड़की का चयन बिहार पुलिस (Bihar Police) में हो गया, लेकिन लड़का बेरोजगार रह गया।
- बदलाव: हाथ में सरकारी नौकरी और बदन पर वर्दी आते ही प्रेमिका के तेवर बदल गए। उसे अपने बेरोजगार प्रेमी के साथ रिश्ता रखने में शर्म आने लगी और उसने 8 साल पुराने रिश्ते को एक झटके में खत्म कर दिया।
2. दिल पर लगी बात, कमरे में बंद होकर की तैयारी
प्रेमिका का जाना लड़के के लिए किसी सदमे से कम नहीं था, लेकिन उसने इसे अपनी ताकत बना लिया।
- संकल्प: लड़के ने ठान लिया कि वह रोकर वक्त बर्बाद नहीं करेगा। उसने जी-जान लगाकर मेहनत शुरू की। दिन-रात एक कर दिया।
- नतीजा: इस बार की बिहार पुलिस भर्ती का रिजल्ट आया, तो लड़के का नाम भी लिस्ट में था। अब उसके बदन पर भी वही खाकी वर्दी है, जिसका गुरूर उसकी प्रेमिका को था।
3. सोशल मीडिया पर चर्चा: “धोखा भी जरूरी है”
इस कहानी के वायरल होने के बाद युवाओं के बीच बहस छिड़ गई है।
- ट्रेंड: लोग कह रहे हैं कि लड़कियों द्वारा दिया गया धोखा अक्सर लड़कों का जीवन संवार देता है। अगर वह उसे नहीं छोड़ती, तो शायद लड़का आज भी बेरोजगार ही होता।
- सबक: इसे कहते हैं— “सफलता ही सबसे बड़ा बदला है।”
निष्कर्ष: प्यार में मिले धोखे ने एक बेरोजगार को ‘सिपाही’ बना दिया। अब दोनों पुलिस विभाग में हैं, लेकिन कहानी अलग-अलग है।


