बिहार के गया जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर प्रखंड के बीडीओ राकेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पटना से पहुंची निगरानी टीम ने उन्हें 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ मौके से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद टीम बीडीओ को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई।
योजना के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
मामले की शिकायत नगर प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी ने निगरानी विभाग में दर्ज कराई थी। आरोप था कि बीडीओ विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने सत्यापन किया और कार्रवाई की योजना बनाई।
चैंबर में बिछाया गया जाल
बताया जा रहा है कि प्रखंड प्रमुख के चैंबर में बीडीओ राकेश कुमार रिश्वत की रकम ले रहे थे, तभी पहले से जाल बिछाए निगरानी टीम के अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद नगर प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया।
एक लाख की मांग, 50 हजार लेते पकड़े गए
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के पुलिस उपाधीक्षक सत्येंद्र राम के अनुसार योजना संख्या 325/26 के तहत बीडीओ ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। प्रथम किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेने वे चैंबर पहुंचे थे, जहां टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक बीडीओ के खिलाफ पहले से भी कई शिकायतें और कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
“हर काम में मांगी जा रही थी रिश्वत”
नगर प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी ने आरोप लगाया कि बीडीओ विकास कार्यों में लगातार पैसे की मांग कर रहे थे और फोन कर दबाव बनाते थे। यहां तक कि ऑनलाइन भुगतान की भी बात कही जाती थी। कई लोगों से शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग से संपर्क किया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी।
निगरानी विभाग ने बताया कि गिरफ्तार बीडीओ के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।


