सस्पेंशन के साए में विधान परिषद, पंचायत प्रतिनिधियों के हथियार लाइसेंस पर सम्राट चौधरी ने दी बड़ी जानकारी

बिहार विधान परिषद में मंगलवार को हंगामे के बीच विपक्ष के सभी सदस्यों को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। विपक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद सदन की दूसरी पाली की कार्यवाही जारी रही। इसी दौरान पंचायत जनप्रतिनिधियों को हथियारों के लाइसेंस जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया, जिस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया।

विधान परिषद सदस्य महेश्वर सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव के बाद गांव-कस्बों में आपसी द्वेष और तनाव बढ़ जाता है, जिसके कारण कई जनप्रतिनिधियों की हत्या तक हो चुकी है और सरकार को उपचुनाव कराने पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि पंचायत जनप्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराया जाए ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

सरकार की ओर से जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नियमानुसार पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरियों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के शस्त्र अनुज्ञप्ति संबंधी आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

सम्राट चौधरी ने सदस्य से इस विषय पर लाए गए संकल्प को वापस लेने का अनुरोध किया, जिसके बाद महेश्वर सिंह ने अपना संकल्प वापस ले लिया।

  • Related Posts