पटना से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई है। वे पिछले तीन दिनों से बेऊर जेल में बंद थे।
पप्पू यादव दोपहर करीब 12:30 बजे बेऊर जेल से कोर्ट पहुंचे। दोपहर 2 बजे उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान वे कोर्ट में व्हीलचेयर पर बैठे दिखाई दिए। उनकी गिरफ्तारी शुक्रवार को एक पुराने मामले में की गई थी। वहीं पप्पू यादव की ओर से आरोप लगाया गया था कि हाल में वे नीट छात्रा मौत प्रकरण को उठा रहे थे, इसी कारण कार्रवाई हुई।
हालांकि 31 साल पुराने केस में जमानत मिलने के बावजूद पप्पू यादव को फिलहाल रिहाई नहीं मिलेगी। कोतवाली थाना कांड संख्या 279/17 में उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है, साथ ही बुद्धा कॉलोनी थाना के एक अन्य मामले में भी वे न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
बताया जा रहा है कि कोतवाली क्षेत्र का मामला वर्ष 2017 से जुड़ा है। वहीं बुद्धा कॉलोनी थाना में दर्ज केस उस दिन का है जब उनकी गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रकरण में पप्पू यादव पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। इस दूसरे मामले में जमानत मिलने के बाद ही उनकी रिहाई संभव होगी।
गौरतलब है कि सोमवार को उनके वकील जमानत याचिका दाखिल करने वाले थे, लेकिन पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के कारण न्यायिक कार्य बाधित हो गया था और सुनवाई टाल दी गई थी। मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट (ACJM-1) में दोबारा सुनवाई हुई, जिसके बाद पुराने मामले में उन्हें राहत मिल गई, लेकिन अन्य लंबित मामलों के कारण अभी उन्हें जेल में ही रहना होगा।


