बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उस वक्त खास माहौल बन गया जब बांकीपुर से बीजेपी विधायक और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सदन में पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी यह पहली सदन उपस्थिति थी। उनके पहुंचते ही सदन में मौजूद सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। विधानसभा अध्यक्ष ने भी औपचारिक रूप से उनका अभिनंदन किया।
20 साल के विधायकी जीवन का जिक्र
सदन को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि उनका विधायकी जीवन करीब 20 वर्षों का रहा है और उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वे इस मुकाम तक पहुंचेंगे। उन्होंने सदन के सभी सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो आशीर्वाद और सम्मान मिला है, उसके लिए वे कृतज्ञ हैं।
नीतीश कुमार के कामकाज की सराहना
नितिन नबीन ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जब से वे सदन में आए हैं, तब से मुख्यमंत्री को काम करते हुए देखा है और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने वाले नए लोग अपनी पार्टी की विचारधारा और जनता के भरोसे के साथ आते हैं और सदन उन्हें जनता की आवाज उठाने का मंच देता है।
बिहार की बदली छवि का जिक्र
उन्होंने 2005 के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय बिहार की छवि अलग थी, लेकिन 2006 से 2026 के बीच राज्य में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज बिहार को देश में जो सम्मान मिल रहा है, वह पिछले दो दशकों में सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।
प्रधानमंत्री मोदी के भरोसे का आभार
नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उन पर भरोसा जताया है और हमेशा सिस्टम का सम्मान करते हुए काम करने की सीख दी है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल और पारदर्शी प्रशासन की भी चर्चा की।
पिता को याद कर हुए भावुक
अपने संबोधन के अंत में नितिन नबीन अपने पिता नवीन किशोर सिन्हा को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे हमेशा अपने पिता की छवि को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे जनता से ऐसा जुड़ाव रखें कि उनके काम उन्हें हमेशा याद दिलाते रहें। उनके अनुसार, राजनीतिक सफलता तभी सार्थक है जब व्यक्ति के न रहने पर भी उसके काम और विचार लोगों के बीच जीवित रहें।


