मधेपुरा में 3 बच्चों की ‘नरबलि’ की कोशिश नाकाम: मां चंडी मंदिर में पूजा कर रहा था तांत्रिक; बैग से बड़ा चाकू मिला, भीड़ ने दबोचा
मधेपुरा (मुरलीगंज/कुमारखंड) | मधेपुरा जिले में अंधविश्वास का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। रविवार की रात मुरलीगंज और कुमारखंड थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर स्थित प्रसिद्ध मां चंडी स्थान में एक तांत्रिक तीन बच्चों की बलि देने की फिराक में था। ग्रामीणों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
1. गाय सेवा के बहाने फंसाया, ऑटो में घुमाया
आरोपी तांत्रिक ने बच्चों को फंसाने के लिए इमोशनल कार्ड खेला।
- जाल: मुरलीगंज के गौशाला चौक के पास वह अक्सर आता था। वहां बच्चों से गायों की सेवा करने को कहता और बदले में पैसे और खाने-पीने का सामान देता था।
- अपहरण: रविवार शाम करीब 7 बजे उसने तीनों बच्चों को बहला-फुसलाकर एक ऑटो में बैठाया। पहले उन्हें शहर में घुमाया और फिर रात के अंधेरे में सुनसान चंडी मंदिर ले गया।
2. बैग से निकला खंजर, उड़ गए होश
बच्चे जब घर नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। तलाशते हुए वे चंडी स्थान पहुंचे।
- सीन: वहां तांत्रिक बच्चों को सामने बिठाकर मंत्र पढ़ रहा था और पूजा कर रहा था।
- हथियार: जब ग्रामीणों ने शक होने पर उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से एक बड़ा धारदार चाकू और कई आपत्तिजनक तांत्रिक सामान बरामद हुए। यह देख लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
3. बेगूसराय का है ‘ढोंगी’ बाबा
भीड़ ने तांत्रिक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
- पहचान: आरोपी ने अपना नाम कन्हैया कुमार बताया है। वह बेगूसराय जिले के तेघड़ा का रहने वाला है और खुद को वहां के किसी मनोकामना मंदिर का पुजारी बता रहा है।
- पुलिस एक्शन: पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों के लिखित आवेदन पर तांत्रिक को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी चल रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है।


