पटना (मीठापुर) | बिहार को मछली उत्पादन में नंबर-1 बनाने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार (10 फरवरी 2026) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीठापुर में नवनिर्मित मत्स्य विकास भवन का जायजा लिया। इस भवन में रिसर्च से लेकर ट्रेनिंग तक की सारी सुविधाएं एक छत के नीचे मिलेंगी।
1. 2.43 एकड़ में बना हाईटेक भवन, क्या है खास?
अधिकारियों ने सीएम को बताया कि यह भवन सिर्फ एक ऑफिस नहीं, बल्कि एक रिसर्च सेंटर भी है।
- लागत: इसे बनाने में ₹54.39 करोड़ खर्च हुए हैं।
- ट्रेनिंग: यहां एक साथ 120 किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन की ट्रेनिंग दी जा सकेगी।
- सुविधा: बाहर से आने वाले किसानों के रुकने के लिए कैंपस में ही हॉस्टल भी बनाया गया है। साथ ही आधुनिक प्रयोगशालाएं (Labs) और रिसर्च सेंटर भी मौजूद हैं।
2. सीएम का निर्देश: सुरक्षा में कमी नहीं होनी चाहिए
निरीक्षण के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने भवन के हर फ्लोर का बारीकी से मुआयना किया।
- सेफ्टी: उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिल्डिंग के हर तल पर रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाई जाए, ताकि सुरक्षा पुख्ता हो सके।
- शिफ्टिंग: सीएम ने आदेश दिया कि मत्स्य एवं पशुपालन विभाग को बिना देरी किए इस नए भवन में शिफ्ट किया जाए, ताकि कामकाज शुरू हो सके।
3. 38 जिलों के किसानों को होगा फायदा
इस भवन का लाभ बिहार के सभी 38 जिलों के मत्स्य पालकों को मिलेगा।
- विजन: सीएम ने कहा कि कृषि रोड मैप के कारण बिहार में दूध, अंडा और मांस का उत्पादन बढ़ा है। अब सरकार का पूरा जोर मछली पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर है।
मौके पर ये थे मौजूद:
निरीक्षण के दौरान प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पशु एवं मत्स्य संसाधन सचिव शीर्षत कपिल अशोक और डीएम डॉ. त्यागराजन समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे।


