पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन पटना सिविल कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के कारण अदालत का कामकाज प्रभावित हो गया। सुरक्षा कारणों से सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
शुक्रवार रात हुई थी गिरफ्तारी
पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पीएमसीएच के कैदी वार्ड में रखा गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। बाद में रविवार शाम उन्हें बेऊर जेल शिफ्ट कर दिया गया।
किस मामले में हुई कार्रवाई
यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने धोखाधड़ी के एक मामले में हुई है। वर्ष 1995 में गर्दनीबाग थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि मकान किराए पर लेते समय जरूरी तथ्यों को छिपाया गया और बाद में उस मकान का उपयोग सांसद कार्यालय के रूप में किया गया। इसी मामले में अदालत ने पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, फिर इश्तेहार और हाल में कुर्की–जब्ती का आदेश भी दिया गया था।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस की कार्रवाई
अदालत के निर्देश पर पटना पुलिस की टीम शुक्रवार रात मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची थी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस के पहुंचते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी।
तनाव के बीच हिरासत
बताया जाता है कि पप्पू यादव ने रात में जाने से इनकार करते हुए सुबह अदालत में उपस्थित होने की बात कही थी। कुछ समय तक समर्थकों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति रही, लेकिन बाद में हालात सामान्य हुए और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
राजनीतिक आरोप भी लगाए
पप्पू यादव का कहना है कि नीट छात्रा हत्याकांड को लेकर सरकार के खिलाफ उनकी मुखर भूमिका के कारण बदले की भावना से कार्रवाई की गई है। उनके समर्थन में राहुल गांधी सहित कई कांग्रेस नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं।


