बिहार में TRE-4 के तहत शिक्षक बहाली की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने पटना कॉलेज कैंपस से विरोध मार्च निकाला, जो भीखना पहाड़ी होते हुए बिहार विधानसभा की ओर बढ़ा। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उन्हें जेपी गोलंबर तक ही जाने की अनुमति दी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल की भी तैनाती रही।
1 लाख से ज्यादा पदों पर बहाली की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने चौथे चरण में 1 लाख से अधिक पदों पर शिक्षक नियुक्ति, सभी विषयों के लिए वैकेंसी और अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
कई विषयों को बाहर किए जाने पर नाराजगी
प्रदर्शन में शामिल छात्रा अर्चना ने आरोप लगाया कि पहले 1.20 लाख पदों पर बहाली की बात कही गई थी, लेकिन अब केवल 44 हजार पदों पर रोस्टर क्लीयरेंस की बात सामने आ रही है। उनका कहना है कि शारीरिक शिक्षा, कंप्यूटर साइंस और संगीत जैसे विषयों को बहाली प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है, जबकि स्कूलों में इन विषयों के शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने सभी विषयों में वैकेंसी निकालने और उम्र सीमा बढ़ाने की मांग की।
चुनावी वादे निभाने की अपील
छात्र आफताब रजा ने कहा कि चुनाव से पहले लाखों सरकारी नौकरियों का वादा किया गया था और अब सरकार को उसे पूरा करना चाहिए। उनके अनुसार 44 हजार पद स्वीकार्य नहीं हैं और चौथे चरण की वैकेंसी जल्द जारी होनी चाहिए।
“डेढ़ साल से गुमराह किया जा रहा”
छात्र नेता सौरभ कुमार ने आरोप लगाया कि युवा लगभग डेढ़ वर्ष से TRE-4 का इंतजार कर रहे हैं। हर बार रोस्टर क्लीयरेंस का हवाला दिया जाता है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अलग-अलग बयान आने से अभ्यर्थी भ्रमित हो रहे हैं।
लाइब्रेरियन बहाली भी प्रमुख मुद्दा
छात्र नेता खुशबू ने कहा कि 15 साल से अधिक समय से लाइब्रेरियन की नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि स्कूलों में पद खाली हैं। उन्होंने 1 लाख से कम पदों पर बहाली को अस्वीकार्य बताते हुए आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट और लाइब्रेरियन भर्ती जल्द शुरू करने की मांग दोहराई।
कुल मिलाकर, अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।


