बिहार विधान परिषद की द्वितीय पाली में सोमवार को सदन की कार्यवाही हंगामे और तीखी बहस के बीच शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में जनता के लिए क्या काम किया गया, इसका जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि मान लेते हैं पिछले 15 सालों में कुछ नहीं हुआ, लेकिन 25 साल का हिसाब तो सरकार को देना ही होगा।
मंत्री अशोक चौधरी का पलटवार
राबड़ी देवी के आरोपों पर सरकार की ओर से मंत्री अशोक चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि यदि विपक्ष ने अपने कार्यकाल में बेहतर काम किया होता तो आज उनकी पार्टी के विधायकों की संख्या इतनी सीमित नहीं होती। उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्ष की घोषणाओं और योजनाओं पर कभी भरोसा नहीं किया।
वोट चोरी के आरोपों से बढ़ी तकरार
बहस के दौरान राबड़ी देवी ने सरकार पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता पक्ष ऐरा-गैरा तरीकों से चुनाव जीतकर सदन में पहुंचा है। इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो विपक्ष अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी बताए।
नीरज कुमार भी हुए मुखर
सत्ता पक्ष के सदस्य नीरज कुमार ने कहा कि सरकार हर घटना पर समय रहते कार्रवाई करती है और कई मामलों में 10 घंटे के भीतर भी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सत्ता पक्ष पर वोट चोरी का आरोप लगाया जा रहा है, तो विपक्ष को भी अपनी जीत पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल और गरम हो गया। राबड़ी देवी के वेल में आकर विरोध जताने के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।
सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच योजनाओं की विफलता, जनहित के मुद्दों और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली।


