
पटना/सीहोर | बिहार को अब दाल के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शनिवार (7 फरवरी) को मध्य प्रदेश के सीहोर में आयोजित ‘राष्ट्रीय दलहन परामर्श’ कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने राज्य का रोडमैप पेश किया। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार को दलहन बढ़ावा देने के लिए 93.75 करोड़ रुपये का चेक सौंपा।
बिहार की मांग: “बारिश पर निर्भर खेती, इसलिए मिले स्पेशल पैकेज”
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने केंद्र के सामने बिहार के किसानों का पक्ष मजबूती से रखा।
- विशेष पैकेज: उन्होंने कहा कि बिहार की खेती बारिश पर आधारित है, इसलिए राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ‘विशेष दलहन पैकेज’ दिया जाए।
- फसलें: अरहर, चना, मसूर, उड़द और मूंग को बिहार की ‘राज्य-विशेष’ फसलों का दर्जा मिले।
सिंचाई यंत्रों पर 90% सब्सिडी का प्रस्ताव
मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र से कई अहम मांगें की हैं:
- सब्सिडी: दलहन की खेती में ड्रिप और स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई पर 90% तक केंद्रीय अनुदान मिले।
- एमएसपी (MSP): दाल की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने के लिए NAFED और FCI के स्थायी केंद्र खोले जाएं।
- बीज: किसानों को 100% केंद्रीय सहायता पर कम समय में तैयार होने वाले और रोग-रोधी बीज उपलब्ध कराए जाएं।
लक्ष्य: 5 साल में बदल जाएगी तस्वीर
अभी बिहार में 4.48 लाख हेक्टेयर में दाल की खेती होती है और उत्पादन 3.93 लाख मीट्रिक टन है, जो मांग से कम है।
- टारगेट: सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में उत्पादन को दोगुना कर बिहार को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
- प्रोसेसिंग: दाल मिल और पैकेजिंग यूनिट लगाने के लिए भी विशेष फंड की मांग की गई है।
शिवराज सिंह को बिहार आने का न्योता
कार्यक्रम के अंत में राम कृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में भी ऐसी ही ‘दलहन कॉन्फ्रेंस’ आयोजित करने का न्योता दिया, जिस पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने भी सहमति जताई।


