पटना | पूर्णिया सांसद पप्पू यादव अब पुलिस की हिरासत में हैं। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे पटना पुलिस की स्पेशल टीम उनके मंदिरी आवास पहुंची और रात 12 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मामला 31 साल पुराना (1995 का) है, जिसमें कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का आदेश दिया था।
1. 150 मिनट तक सांसें थमी रहीं
पुलिस के पहुंचते ही पप्पू यादव के आवास पर गहमागहमी शुरू हो गई।
- तनातनी: पुलिस वारंट लेकर खड़ी थी, उधर समर्थक नारेबाजी कर रहे थे।
- बहाना: पप्पू यादव ने कहा, “मेरी तबियत ठीक नहीं है, मैं नहीं जाऊंगा।” पुलिस ने उन्हें वहीं दवाइयां दीं, लेकिन साथ ले जाने पर अड़ी रही।
- विरोध: समर्थकों ने पुलिस का रास्ता रोकने की कोशिश की, धक्का-मुक्की हुई, मान-मनौव्वल चला।
- एक्शन: आखिरकार रात 12 बजे पुलिस ने सख्ती दिखाई और सांसद को गाड़ी में बैठाकर मेडिकल चेकअप के लिए IGIMS ले गई।
2. आखिर 1995 के उस केस में क्या है?
जिस मामले में गिरफ्तारी हुई है, वह पटना के गर्दनीबाग थाने (कांड संख्या 552/95) में दर्ज है।
- आरोप: शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव ने धोखे से उनका मकान किराये पर लिया था। घर रहने के लिए लिया, लेकिन वहां ऑफिस खोल लिया।
- कुर्की: कोर्ट के बार-बार बुलाने पर भी सांसद हाजिर नहीं हो रहे थे। तंग आकर कोर्ट ने 3 दिन पहले ही उनकी संपत्ति कुर्क (जब्त) करने का आदेश दिया था।
3. पप्पू यादव बोले- यह पॉलिटिकल मर्डर की साजिश
गाड़ी में बैठते वक्त पप्पू यादव ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने कहा- “यह राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। मुझे अपनी जान का खतरा है। सरकार मुझे मरवाना चाहती है।”
आज कोर्ट में होगी पेशी
मेडिकल जांच के बाद पुलिस आज (शनिवार) उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। 31 साल पुराने इस जिन्न ने पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। समर्थक अब कोर्ट के फैसले पर नजर गड़ाए हुए हैं।


