
नई दिल्ली: भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त दी। 412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
वैभव सूर्यवंशी बने जीत के हीरो
भारत की जीत के सबसे बड़े नायक 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने फाइनल में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोक डाले। उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। 218 के स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई है।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी 51 गेंदों में 53 रनों की अहम पारी खेली। अभिज्ञान कुंडू ने 31 गेंदों में 40 रन बनाए, जबकि अंतिम ओवरों में कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों में नाबाद 37 रन जोड़कर टीम को 411 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
गेंदबाजों ने भी दिखाया दम
बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में रही। कैलेब फाल्कनर ने जरूर 67 गेंदों में 115 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि बेन डॉकिन्स ने 66 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट झटके।
आरएस अंबरीश ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 56 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। कनिष्क चौहान ने 2 विकेट चटकाए, जबकि अन्य गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी कर इंग्लैंड को लक्ष्य से दूर रखा।
छठी बार विश्व विजेता बना भारत
आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा और फाइनल में भी एकतरफा जीत दर्ज की। यह भारत का छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब है, जो देश के मजबूत युवा क्रिकेट ढांचे को दर्शाता है।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी और टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने इस जीत को और खास बना दिया। भारतीय क्रिकेट के लिए यह उपलब्धि भविष्य के सुनहरे संकेत मानी जा रही है।


