मोतिहारी/मुजफ्फरपुर | बेरोजगार युवाओं को वर्दी और रौब का सपना दिखाकर ठगने वाले गिरोह पर पुलिस ने बड़ी चोट की है। ‘पुलिस मित्र’ (Police Mitra) में भर्ती कराने के नाम पर लाखों की उगाही करने वाले सिंडिकेट के एक शातिर सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मुजफ्फरपुर से पकड़ा गया ‘जालसाज’
पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर मुजफ्फरपुर में छापेमारी की।
- गिरफ्तार आरोपी: नीरज वर्मा उर्फ अमित कुमार।
- भूमिका: यह गिरोह के लिए युवाओं को फंसाने और पैसे वसूलने का काम करता था। पुलिस इससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि ठगी के पैसों की रिकवरी हो सके।
मास्टरमाइंड ‘सम्राट’ पर 15 हजार का इनाम
इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
- नाम: अशोक सम्राट।
- पता: सैदासपुर, वैशाली।
- इनाम: पुलिस ने इस पर 15,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। जो भी इसकी सूचना देगा, उसे यह राशि दी जाएगी और उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।
कैसे करते थे ठगी?
यह गिरोह भोले-भाले युवाओं को ‘पुलिस मित्र’ बनाकर थाने में काम दिलाने या पुलिस के साथ काम करने का झांसा देता था। इसके बदले में रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। जब युवाओं को फर्जी आई-कार्ड (ID Card) या कुछ नहीं मिलता, तब उन्हें ठगी का एहसास होता।


