पूर्णिया | कभी बाढ़ और पिछड़ेपन के लिए जाना जाने वाला सीमांचल अब विकास की नई उड़ान भर रहा है। 17 सितंबर 2025 को पीएम मोदी ने जिस पूर्णिया एयरपोर्ट की सौगात दी थी, उसने महज 120 दिनों (4 महीने) में ही सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। आंकड़े बताते हैं कि अब तक यहां से 1.10 लाख से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं।
फ्लाइट्स फुल, टिकट मिलना मुश्किल
यात्रियों का रिस्पॉन्स इतना जबरदस्त है कि इंडिगो (IndiGo) और स्टार एयर (Star Air) की फ्लाइट्स में पैर रखने की जगह नहीं है।
- फिलहाल यहां से दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए 5 नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं।
- ये सभी फ्लाइट्स लगभग फुल बुकिंग के साथ उड़ान भर रही हैं।
- एयरपोर्ट डायरेक्टर दीप प्रकाश गुप्ता ने बताया कि दिसंबर तक यात्रियों की संख्या 50 हजार थी, जो जनवरी खत्म होते-होते 1 लाख के पार चली गई।
15 एकड़ जमीन मिली, बनेगा वर्ल्ड क्लास टर्मिनल
भीड़ को देखते हुए एयरपोर्ट के विस्तार का काम तेज कर दिया गया है।
- जमीन: प्रशासन ने 15 एकड़ अतिरिक्त जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंप दी है।
- नया टर्मिनल: यहां अत्याधुनिक स्थायी टर्मिनल बिल्डिंग बनेगी, जिसके लिए अगले महीने टेंडर जारी होने की उम्मीद है।
- सुविधाएं: नए टर्मिनल में 500 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता होगी और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
अब मुंबई-बेंगलुरु और विदेश की तैयारी
अधिकारियों का लक्ष्य सिर्फ घरेलू उड़ानों तक सीमित नहीं है।
- जल्द ही यहां से मुंबई और बेंगलुरु के लिए सीधी फ्लाइट शुरू करने की योजना है।
- भविष्य में इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
नेपाल और बंगाल के लोगों को भी फायदा
इस एयरपोर्ट का फायदा सिर्फ बिहार को नहीं, बल्कि नेपाल और पश्चिम बंगाल के करीब एक दर्जन जिलों को मिल रहा है। मनिहारी-साहिबगंज पुल का काम पूरा होते ही झारखंड और बंगाल से आने वाले यात्रियों की संख्या में और भारी उछाल आने की उम्मीद है।


