सीतामढ़ी (परिहार) | अक्सर फिल्मों में देखा जाता है कि हीरो अपनी हीरोइन से मिलने रात में उसके घर पहुंचता है और पकड़ा जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा सीतामढ़ी के परिहार प्रखंड के सहारगामा गांव में देखने को मिला। फर्क बस इतना था कि यहां ‘दी एंड’ पिटाई से नहीं, बल्कि शहनाई (शादी) से हुआ।
डेढ़ साल से चल रहा था ‘इश्क वाला लव’
गांव के ही युवक मनीष पटेल का पड़ोस की गंगा कुमारी के साथ पिछले डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक-दूसरे को बेइंतहा चाहते थे। मंगलवार की रात मनीष अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंच गया। दोनों बातें कर ही रहे थे कि तभी लड़की के परिजनों की नींद खुल गई और उन्होंने मनीष को रंगे हाथों पकड़ लिया।
पंचायत बैठी, रजामंदी पूछी और हो गया फैसला
हल्ला होने पर गांव वाले जमा हो गए। पहले तो माहौल तनावपूर्ण लगा, लेकिन जब बात खुली तो मामला प्रेम-प्रसंग का निकला।
- लड़का और लड़की दोनों बालिग थे।
- ग्रामीणों ने भरी पंचायत में दोनों से उनकी मर्जी पूछी।
- मनीष और गंगा ने सबके सामने कबूल किया कि वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं और साथ रहना चाहते हैं।
- इसके बाद ग्रामीणों ने देर न करते हुए तुरंत दोनों की शादी कराने का फरमान सुना दिया।
न पंडित, न मंत्र… बस 5 बार भरी मांग
यह शादी अपने आप में अनोखी रही। न कोई पंडित बुलाया गया, न सात फेरे हुए और न ही कोई मंत्र पढ़ा गया।
- ग्रामीणों की मौजूदगी में मनीष ने गंगा की मांग में एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे 5 बार सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी स्वीकार किया।
- भीड़ में मौजूद लोग बार-बार पूछते रहे- “क्या तुम दोनों इस शादी से खुश हो?” जिस पर दोनों ने मुस्कुराते हुए हामी भरी।
ससुराल वालों ने दिया आशीर्वाद
शादी के बाद लड़की के माता-पिता ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और नवदंपती को आशीर्वाद दिया। दूल्हा बने मनीष ने कहा, “मैं गंगा से बहुत प्यार करता हूं। अब यह मेरी पत्नी है और मैं जीवन भर इसकी जिम्मेदारी निभाऊंगा।”


