पटना | बिहार विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन इतिहास में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीखे तेवरों के लिए याद किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन उस वक्त अखाड़ा बन गया जब मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को खड़े होकर जमकर लताड़ लगाई। नीतीश इतने गुस्से में थे कि उन्होंने तेजस्वी को बैठने की हिदायत देते हुए उनके पिता लालू यादव का जिक्र तक कर डाला।
‘गड़बड़ करते थे, इसलिए तुम लोगों को छोड़ दिया’
मुख्यमंत्री ने केवल डांटा ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी मढ़ दिए। नीतीश ने सदन में दहाड़ते हुए कहा:
“चुपचाप बैठकर मेरी बातें सुनो। तुम लोग जो गड़बड़ करते थे, उसी का पैसा था। ये बताओ कि 6 विधायकों को खींचने (खरीदने) के लिए पैसा कहां से लाए थे? तुम्हारी इन्हीं गड़बड़ियों की वजह से तुम लोगों का साथ छोड़ दिया।”
तेजस्वी मुस्कुराए तो और भड़क गए सीएम
जब मुख्यमंत्री आरोप लगा रहे थे, तो तेजस्वी यादव अपनी सीट पर बैठे मुस्कुरा रहे थे। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा, “कुछ भी बोलिएगा।” इस पर नीतीश कुमार और ज्यादा सख्त हो गए। उन्होंने उंगली दिखाते हुए कहा:
“अरे बैठो! तुम बच्चा न है जी। हम तुम्हारे बाप के समय के हैं। हम तुमको मानते थे, तुमको (डिप्टी सीएम) बनाए थे, लेकिन तुम लोग सुधरने वाले नहीं हो।”
तेजस्वी का वार: ‘बीजेपी ने लोकतंत्र को गन-तंत्र बनाया’
मुख्यमंत्री के बोलने से पहले तेजस्वी यादव ने सरकार की घेराबंदी की थी। उन्होंने कहा कि आज बिहार में बेटियों की चीख से भी सरकार की नींद नहीं टूटती। तेजस्वी ने अपराध के आंकड़े गिनाते हुए कहा:
- झूठी वाहवाही, पूरी लापरवाही: सरकार सिर्फ विज्ञापन में चल रही है, जमीन पर अपराध चरम पर है।
- गन-तंत्र: बीजेपी के साथ जाते ही लोकतंत्र अब ‘गन-तंत्र’ में बदल गया है।
- पैर में चोट के बावजूद हमला: पैर में चोट के कारण तेजस्वी ने बैठकर भाषण दिया, लेकिन उनके शब्दों की धार काफी तेज रही।
सत्ता पक्ष ने थपथपाई मेज, विपक्ष का हंगामा
नीतीश कुमार के इस आक्रामक अंदाज को देख सत्ता पक्ष (NDA) के विधायकों ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया, वहीं राजद के विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे। सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा और स्पीकर को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा।


