नीट छात्रा मौत मामला.. पटना पुलिस का बड़ा खुलासा: परिवार केस नहीं चाहता था, अब CBI करेगी जांच

CCTV फुटेज से लेकर दवा खरीद तक सामने आई कई चौंकाने वाली बातें

पटना।नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में पटना पुलिस ने सोमवार को कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। एसएसपी पटना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले में प्राथमिकी पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर नहीं, बल्कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर दर्ज की गई थी। हैरानी की बात यह है कि परिवार शुरुआत में किसी भी तरह का केस दर्ज नहीं कराना चाहता था।

मामले की गंभीरता और लगातार बढ़ते सवालों को देखते हुए राज्य सरकार ने अब इस केस की जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया है।


CCTV फुटेज पर बड़ा सवाल

दो बार बाहर निकली, फिर कैमरा हो गया बंद

पुलिस के अनुसार, 5 तारीख की रात छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में गई थी।

  • CCTV फुटेज में वह दो बार सिर्फ दो-दो मिनट के लिए कमरे से बाहर निकलती दिखती है।
  • इसके बाद अचानक कैमरा बंद हो जाता है।
  • अगली सुबह हॉस्टल गार्ड ने सिस्टम को फिर से चालू किया।

पुलिस को शक है कि फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। इसी वजह से CCTV डेटा को स्पेशल फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।


घर से लौटते वक्त खरीदी थी दवा

जांच में सामने आया है कि जब छात्रा अपने भाई के साथ घर से पटना लौट रही थी, उसी दौरान उसने अर्बन मोड़ के पास एक मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी थी
पुलिस और फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, उसी दवा का उसने इस्तेमाल किया था।

पिता के बयान से यह भी स्पष्ट हुआ कि

  • छात्रा 27 तारीख से 5 तारीख तक घर पर ही थी
  • 5 तारीख को वह दोबारा पटना लौटी थी।

परिवार नहीं चाहता था केस

एसएसपी पटना ने बताया कि अस्पताल द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही पुलिस ने मामला दर्ज किया।

“परिजन शुरू में किसी भी कानूनी कार्रवाई के पक्ष में नहीं थे। लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने स्वतः संज्ञान लिया,”
पुलिस अधिकारी ने कहा।


मीडिया को सख्त निर्देश

पोक्सो एक्ट का पालन अनिवार्य

आईजी जितेंद्र राणा और एसएसपी पटना ने मीडिया से अपील की है कि

  • पीड़िता या उसके परिजनों की पहचान उजागर न की जाए
  • कोई फोटो, नाम या ऐसा विवरण प्रकाशित न हो जिससे पहचान सामने आए

उन्होंने कहा कि यह मामला पोक्सो एक्ट से जुड़ा है, इसलिए संवेदनशीलता और कानून का पालन अनिवार्य है।


अब CBI के हाथ में जांच

लगातार उठ रहे सवालों, विरोध और विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने यह केस अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है।
अब पूरे राज्य की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सच्चाई कब और कैसे सामने आएगी।


 

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