पटना, 03 फरवरी।डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में बिहार ने देशभर में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत स्कैन-एंड-शेयर क्यूआर कोड प्रणाली से अस्पतालों में मरीजों का ऑनलाइन निबंधन कराने में बिहार को पूरे देश में पहला स्थान मिला है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मंगलवार को पटना के होटल पनाश कौटिल्य में आयोजित “आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन बिहार कॉन्क्लेव 2.0” में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों के डॉक्टरों और पदाधिकारियों को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
भव्या ऐप से बदल रहा है इलाज का तरीका
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भव्या ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज की जांच, दवा और बीमारी से जुड़ी पूरी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती है। यह पेपरलेस सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और भविष्य के इलाज में भी उपयोगी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दवा दुकानों और दवाओं की सूची भी ऐप से जोड़ने की योजना है, ताकि मरीज घर बैठे दवा की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकें।
देश में नंबर-1 बना बिहार
- 5.26 करोड़ स्कैन-एंड-शेयर टोकन जनरेट
- 6.11 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) आईडी – देश में चौथा स्थान
- 6.17 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड – देश में तीसरा स्थान
- 7,835 सरकारी अस्पताल DHIS योजना में पंजीकृत
- ₹37.60 करोड़ प्रोत्साहन राशि का क्लेम – देश में सबसे अधिक
“दूसरे राज्य कर रहे हैं बिहार मॉडल की नकल”
मंगल पांडेय ने कहा,
“आज बिहार का स्वास्थ्य तंत्र राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान बना रहा है। दूसरे राज्यों के प्रतिनिधि यहां आकर हमारे डिजिटल मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। यह बिहार के लिए गर्व की बात है।”
हर स्तर पर लागू हुई डिजिटल सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक आभा और स्कैन-एंड-शेयर प्रणाली लागू हो चुकी है। एक यूनिक हेल्थ आईडी से मरीजों को इलाज में बड़ी सहूलियत मिल रही है।
कौन-कौन रहे मौजूद
कार्यक्रम में ABDM से शशांक शेखर सिन्हा, आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शहजानंद प्रसाद सिंह, विक्रम पगारिया, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, विशेष सचिव हिमांशु शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


