PM गति शक्ति के तहत जियो-स्पैशियल तकनीक के इस्तेमाल पर मुख्य सचिव की BISAG-N से अहम बैठक
पटना।अब बिहार में सड़क, पुल, नहर, औद्योगिक क्षेत्र और बड़ी योजनाएं केवल फाइलों पर नहीं, बल्कि सैटेलाइट मैप और डिजिटल डेटा के आधार पर तैयार होंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने PM गति शक्ति के तहत जियो-स्पैशियल तकनीक को योजनाओं का आधार बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
इसी कड़ी में राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) के महानिदेशक टी.पी. सिंह से मुलाकात कर तकनीकी सहयोग पर विस्तार से चर्चा की।
अब पहले दिखेगी समस्या, फिर बनेगी योजना
मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार में किसी भी बड़ी परियोजना के दौरान
- जमीन की उपलब्धता
- जलभराव
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्र
- वन क्षेत्र
- सड़क या रेलवे लाइन का अलाइनमेंट
जैसी समस्याएं अक्सर काम शुरू होने के बाद सामने आती हैं।
अब जियो-स्पैशियल तकनीक से ये सारी बाधाएं योजना के शुरुआती चरण में ही पहचान ली जाएंगी।
PM गति शक्ति पोर्टल बनेगा मास्टर प्लेटफॉर्म
बैठक में तय हुआ कि BISAG-N के सहयोग से
PM गति शक्ति पोर्टल पर उपलब्ध
- सैटेलाइट इमेज
- डिजिटल मैप
- एनालिटिक्स टूल
का उपयोग कर विभाग अपनी परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाएंगे।
₹50 करोड़ से ज्यादा की हर योजना में डिजिटल जांच जरूरी
मुख्य सचिव ने याद दिलाया कि
14 जनवरी को BIRSAC में हुई बैठक में यह निर्देश दिया गया था कि—
₹50 करोड़ से अधिक की हर परियोजना के DPR से पहले
जियो-स्पैशियल तकनीकी जांच और अनुमोदन अनिवार्य होगा।
इससे परियोजनाओं में देरी, विवाद और लागत बढ़ने की समस्या कम होगी।
डिजिटल डैशबोर्ड से होगी निगरानी
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव डॉ. प्रतिमा ने बताया कि
BISAG-N और BIRSAC के साथ मिलकर
- डिजिटल डैशबोर्ड
- लाइव डेटा सिस्टम
- विभागीय फीडबैक सिस्टम
को मजबूत किया जा रहा है।
BISAG-N देगा तकनीकी सहयोग
BISAG-N के महानिदेशक टी.पी. सिंह ने बिहार सरकार को भरोसा दिलाया कि
संस्थान राज्य को
- डिजिटल टूल्स
- सैटेलाइट डेटा
- जियो-स्पैशियल एनालिटिक्स
में हर स्तर पर सहयोग देता रहेगा।
अब फैसले होंगे डेटा के आधार पर
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा—
“अगर विभाग योजना बनाते समय ही डिजिटल इनपुट लें,
तो आधे से ज्यादा विवाद और देरी अपने आप खत्म हो जाएंगे।”
निष्कर्ष:
अब बिहार में विकास कार्य अनुमान से नहीं, बल्कि सटीक डेटा और सैटेलाइट तकनीक से होंगे।
PM गति शक्ति के साथ राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग सिस्टम पूरी तरह बदलने जा रहा है।


