मालदा मंडल रेल अस्पताल में विश्व कुष्ठ रोग दिवस–2026, कलंक के खिलाफ जागरूकता का संकल्प

मालदा, 31 जनवरी 2026।मंडल रेल अस्पताल, मालदा में विश्व कुष्ठ रोग दिवस–2026 के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की थीम रही— “कुष्ठ रोग का उपचार संभव है, वास्तविक चुनौती सामाजिक कलंक है।”

इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना, समय पर पहचान और इलाज के महत्व को बताना तथा रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संदेश देना था।

विशेषज्ञ ने साझा किए 22 वर्षों के अनुभव

मुख्य वक्ता के रूप में आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज, कोलकाता के प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) आर. एन. भट्टाचार्य ने व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि भारत में आज भी कुष्ठ रोग का बोझ गंभीर है और पश्चिम बंगाल इस मामले में देश में तीसरे स्थान पर है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह इलाज योग्य है, लेकिन देर से पहचान के कारण होने वाली विकृतियां मरीजों को समाज से अलग-थलग कर देती हैं। पुनर्निर्माण सर्जरी और नियमित फिजियोथेरेपी से रोगियों को फिर से सामान्य जीवन में लौटाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के उन प्रयासों को भी याद किया, जिन्होंने कुष्ठ रोग से पीड़ितों को सम्मान और अपनापन दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

संवादात्मक सत्र में स्वास्थ्य रणनीतियों पर चर्चा

डॉ. अमिताभ मंडल, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी–III, मालदा ने संवादात्मक सत्र में शीघ्र पहचान, सामुदायिक सहयोग और सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

सामूहिक प्रयास का संदेश

कार्यक्रम में डॉ. एस. बोस (ACMS/P), डॉ. एस. रॉय (DMO/ENT), डॉ. एस. भट्टाचार्य (ACMS) सहित वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे। सभी की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि कुष्ठ रोग से जुड़ी चिकित्सीय और सामाजिक दोनों चुनौतियों से मिलकर निपटना ही समाधान है।

पूरे आयोजन का सफल संचालन सीएमएस डॉ. ए. घोष के मार्गदर्शन में हुआ, जिनके नेतृत्व में यह कार्यक्रम जागरूकता और संवेदनशीलता का प्रभावी मंच बना।

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