ग्लोबल GDP में भारत का दमदार योगदान, अमेरिका से आगे निकला देश; एलन मस्क बोले—‘शक्ति संतुलन बदल रहा’

नई दिल्ली।ग्लोबल GDP ग्रोथ में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा तेज हो गई है। 31 जनवरी को वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर आंकड़े जारी करते हुए बताया कि वैश्विक GDP वृद्धि में भारत का योगदान अब 17 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस सूची में भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि चीन 26.6 प्रतिशत योगदान के साथ पहले नंबर पर है। अमेरिका 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है।

IMF के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट

यह रिपोर्ट इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। इसके मुताबिक, वैश्विक आर्थिक विकास में चीन और भारत मिलकर कुल 43.6 प्रतिशत योगदान दे रहे हैं। यह दर्शाता है कि एशिया अब विश्व अर्थव्यवस्था की धुरी बनता जा रहा है और पश्चिमी देशों की तुलना में उभरती अर्थव्यवस्थाएं ज्यादा तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं।

एलन मस्क ने कहा—‘शक्ति का संतुलन बदल रहा’

स्पेसएक्स और टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने इस रिपोर्ट को री-शेयर करते हुए लिखा—
“The balance of power is shifting” यानी शक्ति का संतुलन बदल रहा है।
मस्क की इस टिप्पणी के बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और दुनियाभर में भारत की आर्थिक ताकत को लेकर बहस छिड़ गई।

रिपोर्ट के अनुसार टॉप-10 देशों का योगदान इस प्रकार है—

  • चीन – 26.6%
  • भारत – 17%
  • अमेरिका – 9.9%
  • इंडोनेशिया – 3.8%
  • तुर्किये – 2.2%
  • सऊदी अरब – 1.7%
  • वियतनाम – 1.6%
  • नाइजीरिया – 1.5%
  • ब्राजील – 1.5%
  • जर्मनी – 0.9%

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान

केंद्रीय बजट 2026 पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि—

“भारत तेजी से दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्ति बन रहा है। चीन से अभी कुछ पीछे हैं, लेकिन अमेरिका को पीछे छोड़ चुके हैं। 26 और 17 प्रतिशत का जो अंतर है, उसे हम जल्द पाटेंगे और भारत दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा।”

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की क्षमता और आर्थिक उपलब्धियों पर भरोसा होना चाहिए। सरकार सुधारों और निवेश आधारित विकास के जरिए इस गति को और तेज करेगी।

भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इकोनॉमी, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप इकोसिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे निवेश के कारण भारत की ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है। IMF और वर्ल्ड बैंक भी आने वाले वर्षों में भारत को सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था मान रहे हैं।


 

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