वैशाली |शादी के महज चार महीने बाद ही एक नवविवाहिता की जिंदगी बेरहमी से खत्म कर दी गई। वह दो महीने की गर्भवती थी, सपने देख रही थी, नई जिंदगी की शुरुआत कर रही थी… लेकिन उसे गेहूं के खेत में लाश बनाकर फेंक दिया गया। वैशाली जिले की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
ससुराल से गायब, खेत में मिला शव
घटना राघोपुर थाना क्षेत्र के सैदाबाद गांव की है। मृतका की पहचान मालदह निवासी कार्तिक चौधरी की 22 वर्षीय बेटी उनीता देवी के रूप में हुई है।
उनकी शादी चार महीने पहले सैदाबाद गांव के मिथिलेश कुमार से हुई थी।
जब मायके वालों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की और कोई जवाब नहीं मिला, तो वे ससुराल पहुंचे। वहां घर में ताला लटका मिला। गांव में खोजबीन हुई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस को सूचना दी गई।
कुछ घंटों बाद, ससुराल से करीब तीन किलोमीटर दूर एक गेहूं के खेत से उनीता का शव बरामद हुआ।
दोबारा दहेज की मांग, रोजाना प्रताड़ना
परिजनों का आरोप है कि शादी में 2.5 लाख रुपये नकद और अन्य सामान दिया गया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष दोबारा नकदी और बाइक की मांग कर रहा था।
मांग पूरी न होने पर उनीता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
गर्भ में था जीवन, फिर भी नहीं आई रहम
मायके वालों के अनुसार उनीता दो महीने की गर्भवती थी। यह बात सुनकर गांव में मातम छा गया है।
परिजनों का कहना है कि पहले मारपीट की गई और फिर उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया गया, ताकि कोई सबूत न बचे।
घर खाली, आरोपी फरार
घटना के बाद से ससुराल के सभी सदस्य फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
एक सवाल फिर खड़ा
कब तक बेटियां दहेज की भेंट चढ़ती रहेंगी?
कब तक नई दुल्हनें अपने ही घर में असुरक्षित रहेंगी?
वैशाली की यह घटना समाज के लिए एक दर्दनाक आईना है।


