
भागलपुर–दुमका मुख्य मार्ग पर शनिवार को जो हुआ, उसने पूरे इलाके को घंटों के लिए थाम दिया। टूटे पुल के ठीक ऊपर एक हाईवा खड़ी कर खुलेआम गिट्टी गिराई जा रही थी। न पुलिस, न ट्रैफिक… और न ही कोई चेतावनी। कुछ ही मिनटों में दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और पूरा हाईवे जाम में तब्दील हो गया।
पुल पर गिट्टी, नीचे गुस्से में लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक हाईवा को पुल के बीचोबीच खड़ा कर दिया गया था। गिट्टी गिरते ही सड़क पूरी तरह ब्लॉक हो गई। छोटे वाहन, स्कूल बस, एंबुलेंस, ऑटो और बाइक सब फंस गए। देखते ही देखते एक किलोमीटर से ज्यादा लंबा जाम लग गया।
बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके, ऑफिस वालों की हाजिरी कटी
सुबह के वक्त जाम लगने से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को हुई।
- कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए
- कुछ स्कूल बसें बीच रास्ते में ही फंस गईं
- ऑफिस जाने वाले कर्मचारी घंटों गाड़ियों में बैठे रहे
लोगों का कहना है कि कई परिवारों को बच्चों को लौटाकर घर भेजना पड़ा।
थाना तीन किलोमीटर दूर, लेकिन दो घंटे बाद पहुंची पुलिस
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह स्थान बायपास थाना से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद पुलिस करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब जाकर हाईवा हटाया गया और ट्रैफिक धीरे-धीरे चालू हो सका।
‘अगर समय रहते पहुंचे होते तो इतना बवाल नहीं होता’
जाम में फंसे लोगों ने पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है—
“अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो बच्चों की पढ़ाई और हमारी नौकरी पर असर नहीं पड़ता।”
रोज की समस्या, स्थायी समाधान नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग पहले से ही जाम के लिए बदनाम है। टूटा पुल, अव्यवस्थित ट्रैफिक और भारी वाहनों की आवाजाही आए दिन संकट खड़ा कर रही है, लेकिन प्रशासन स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा।
लोगों की मांग
- पुल और सड़क पर भारी वाहनों की सख्त निगरानी
- बिना अनुमति सड़क पर माल उतारने पर कार्रवाई
- ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती
- दोषियों पर जुर्माना और एफआईआर
भागलपुरवासियों का कहना है कि अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे जाम आम बात बन जाएंगे।


