परिजनों ने किया प्रदर्शन, दो अन्य मजदूरों को बंधक बनाए जाने का आरोप
बेतिया। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के पीलीभीत स्थित मझोला क्षेत्र में काम करने गए बेतिया निवासी मजदूर रमेश मांझी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शव के बेतिया पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बेतिया–पटजिरवा मुख्य मार्ग जाम कर शव को सड़क पर रखकर आगजनी की और प्रदर्शन किया।
परिजनों का आरोप है कि रमेश मांझी के साथ काम करने गए दो अन्य मजदूर धर्मेंद्र मांझी और अरुण मांझी को अब भी वहीं बंधक बनाकर रखा गया है। उनका कहना है कि तीनों के साथ गलत व्यवहार किया गया, जिससे रमेश की मौत हुई।
मांगों पर अड़े परिजन
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी, कथित रूप से बंधक बनाए गए मजदूरों की सुरक्षित रिहाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची।
एसडीपीओ पहुंचे, जांच शुरू
घटना की सूचना पर बेतिया एसडीपीओ-2 रजनीकांत प्रियदर्शी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक नैनीताल में गन्ना छिलाई के काम के लिए गया था और वहां उसकी मौत हुई है।
पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


