माउंट किलिमंजारो पर फहराया तिरंगा, ‘सेवन समिट्स’ अभियान की दूसरी बड़ी जीत
भागलपुर (बिहार):भागलपुर की बेटी और पर्वतारोही नमिता ने देश और प्रदेश का नाम रोशन करते हुए अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया है। उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि 24 जनवरी को हासिल की, जो भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है।
यह नमिता के ‘सेवन समिट्स’ अभियान की दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले वह यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउंट एल्ब्रुस (रूस) को भी फतह कर चुकी हैं।
150 बालिकाओं को समर्पित रहा यह शिखर अभियान
इस खास मौके को और भी यादगार बनाते हुए नमिता अपने साथ शिखर पर एक विशेष बैनर लेकर पहुँचीं, जो 150 बालिकाओं का प्रतिनिधित्व करता था। यह संख्या ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के सम्मान में चुनी गई थी।
नमिता ने कहा,
“यह चढ़ाई सिर्फ मेरी नहीं है। यह उन 150 बेटियों और उनके माता-पिता की जीत है, जिन्होंने हमेशा अपनी बेटियों के सपनों पर भरोसा किया।”
नारी शक्ति, साहस और मातृभूमि का प्रतीक
नमिता के अनुसार उनका यह अभियान
- मातृभूमि के प्रति प्रेम,
- साहस,
- और नारी शक्ति
का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ पर्वतारोहण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों को आगे बढ़ने, आत्मविश्वास से सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी देती है।
पहले एल्ब्रुस, अब किलिमंजारो
नमिता ने इससे पहले 16 अगस्त 2025 को यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउंट एल्ब्रुस को भी फतह किया था। अब किलिमंजारो की चढ़ाई पूरी कर उन्होंने अपने सेवन समिट्स अभियान को एक नई ऊँचाई दे दी है।
उनका लक्ष्य है सात महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियों पर तिरंगा फहराना।
युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा
नमिता ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, सहयोगियों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर समर्थन और विश्वास के बिना यह संभव नहीं था।
उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि
अगर हौसले बुलंद हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी शिखर दूर नहीं।


