विधानसभा सत्र से पहले सक्रिय हुए शारीरिक शिक्षा अनुदेशक-भागलपुर में विधायकों और एमएलसी से मिलकर सौंपा ज्ञापन, पूर्णकालिक बहाली की मांग

भागलपुर:आगामी बिहार विधानसभा सत्र से पहले शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हो गए हैं। राज्यभर में आंदोलन कर चुके ये अनुदेशक अब जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं। भागलपुर जिले में अनुदेशकों की टीम ने विभिन्न विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है।

अनुदेशकों का कहना है कि सरकार ने वर्ष 2022 में उन्हें अंशकालिक आधार पर मध्य विद्यालयों में बहाल किया था, जिसमें शुरुआत में मात्र 8 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया गया। कम वेतन और अंशकालिक नियुक्ति के खिलाफ राज्यभर में हुए आंदोलन के बाद सरकार ने चुनाव से पहले अगस्त माह में उनका मानदेय बढ़ाकर 16 हजार रुपये कर दिया, लेकिन उनकी मूल मांग अब भी अधूरी है।


“पूर्णकालिक किया जाए काम”

अनुदेशकों की प्रमुख मांग है कि उन्हें पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि अंशकालिक व्यवस्था के कारण वे छात्रों के शारीरिक, मानसिक और सर्वांगीण विकास पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

टीम ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे आगामी विधानसभा सत्र में उनकी आवाज बनें और सरकार तक उनकी मांग पहुंचाएं।


उम्मीदें सत्र से

अनुदेशकों को उम्मीद है कि इस बार सरकार उनकी स्थिति को गंभीरता से समझेगी और वर्षों से लंबित मांग पर ठोस फैसला लेगी। उनका कहना है कि यदि इस सत्र में भी कोई निर्णय नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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