भागलपुर / सिंगापुर: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) भागलपुर की बीटेक छात्रा श्रद्धा साहू ने सिंगापुर में आयोजित दुनिया के प्रतिष्ठित एआई सम्मेलन में भारत और संस्थान का नाम रोशन किया है। उन्हें 40वें एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AAAI) अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में बेस्ट अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट पोस्टर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
यह सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र का विश्व का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित मंच माना जाता है, जिसमें भारत, अमेरिका, यूके, फ्रांस, इटली, यूएई, चीन, कोरिया, मिस्र, नाइजीरिया सहित कई देशों के वैज्ञानिक और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए।
कैमरे के बिना इंसानी गतिविधि पहचानने वाली तकनीक
श्रद्धा का शोध कार्य EGSAI – Empowering Global South AI छात्र गतिविधि के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया। वह पिछले दो वर्षों से Human Activity Recognition क्षेत्र में शोध कर रही हैं।
उनका शोध बिना कैमरे के, केवल वाई-फाई सिग्नल और मशीन लर्निंग मॉडल के माध्यम से इंसानों की गतिविधियों को पहचानने पर आधारित है। यह तकनीक निजता, गरिमा और डेटा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह तकनीक विशेष रूप से:
- वृद्धजनों की देखभाल
- असामान्य गतिविधि पहचान
- नींद और स्वास्थ्य निगरानी
- बिना हस्तक्षेप व्यवहार विश्लेषण
जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
एआई को बनाया ज्यादा भरोसेमंद और मानव-अनुकूल
अपने नवीनतम शोध में श्रद्धा ने Large Language Model (LLM) को गतिविधि पहचान प्रणाली से जोड़ा है, जिससे एआई के परिणाम अधिक स्पष्ट, मानव-अनुकूल और भरोसेमंद बन सकें।
उन्होंने एआई में होने वाली गलत या भ्रमित प्रतिक्रियाओं (Hallucination) को नियंत्रित करने के उपाय भी विकसित किए हैं, जिससे तकनीक का व्यावहारिक उपयोग सुरक्षित हो सके।
वेस्टर्न डिजिटल में कर रही हैं इंटर्नशिप
श्रद्धा मूल रूप से जबलपुर (मध्यप्रदेश) की रहने वाली हैं। वर्तमान में वह Western Digital Corporation में Data Science Intern के रूप में कार्यरत हैं।
संस्थान को गौरव
संस्थान के पीआरओ डॉ. धीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि श्रद्धा की यह उपलब्धि IIIT भागलपुर के लिए गर्व का विषय है। वहीं निदेशक डॉ. मधुसूदन सिंह ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता संस्थान की शोध संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाती है।
यह उपलब्धि न केवल IIIT भागलपुर बल्कि भारत के युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।


