भागलपुर। गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने और संबंधित योजनाओं में तेजी लाने को लेकर जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक समीक्षा भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की।
बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गंगा नदी में किसी भी स्थिति में दूषित पानी का बहाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
43 वार्डों में जलापूर्ति शुरू, बाकी 15 मार्च तक
बुडको के परियोजना निदेशक (असैनिक) ने बताया कि जिले में कुल चार जलापूर्ति योजनाएं संचालित हैं। फेज-1 के पैकेज-01 के तहत 43 वार्डों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, जबकि शेष वार्डों में कार्य प्रगति पर है। डीएम ने शेष सभी वार्डों में 15 मार्च तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
चार एसटीपी निर्माणाधीन, मार्च तक पूरा करने का अल्टीमेटम
बैठक में बताया गया कि सुल्तानगंज और नवगछिया नगर परिषद में एसटीपी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। भागलपुर नगर निगम में 45 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी और कहलगांव में 6 एमएलडी एसटीपी का कार्य जारी है। डीएम ने नगर निगम भागलपुर और कहलगांव के एसटीपी कार्य मार्च तक हर हाल में पूरा कराने का निर्देश दिया।
शवदाह गृह निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
गंगा घाटों पर शवदाह गृह निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि भागलपुर नगर निगम में बिजली और लकड़ी शवदाह गृह का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। सुल्तानगंज में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि नवगछिया में शवदाह गृह नहीं होने की जानकारी दी गई। कहलगांव में नए शवदाह गृह के लिए 9.33 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
बायो मेडिकल वेस्ट पर सख्ती
निजी अस्पतालों द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि बिना पंजीकरण वाले निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम पर छापेमारी कर एफआईआर दर्ज कराई जाए।
ODF प्लस में 68 गांव घोषित
बैठक में बताया गया कि जिले के 69 गांवों में से 68 गांवों को ODF प्लस घोषित किया जा चुका है।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और गंगा संरक्षण समिति के सदस्य मौजूद रहे।


