भागलपुर। यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने लोकल और पैसेंजर ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। अब इन ट्रेनों को एक्सप्रेस ट्रेनों के बराबर लंबा किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इनमें स्लीपर कोच भी जोड़े जाएंगे, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
रेलवे बोर्ड ने मालदा रेल मंडल समेत सभी मंडलों से ओवरलोड चल रही ट्रेनों की सूची मांगी है। भागलपुर से साहिबगंज, जमालपुर, किऊल और बांका जाने वाली ट्रेनों की विशेष समीक्षा की जा रही है, क्योंकि इन रूटों पर रोजाना यात्रियों की संख्या ट्रेनों की क्षमता से कहीं अधिक रहती है।
रोज 25-30 लोकल और पैसेंजर ट्रेनों में भारी भीड़
भागलपुर से प्रतिदिन 25 से 30 लोकल और पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग दिशाओं में चलती हैं। इन ट्रेनों में एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखने को मिलती है। सुबह और शाम के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भीड़ कम करने और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्राथमिकता वाले रूटों पर अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे।
प्रमुख रूटों और ट्रेनों की भी समीक्षा
रेलवे ने जिन प्रमुख ट्रेनों के रूटों की समीक्षा शुरू की है, उनमें विक्रमशिला एक्सप्रेस, अंग एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस (साप्ताहिक), ब्रह्मपुत्र मेल, वनांचल एक्सप्रेस, भागलपुर–सूरत एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस शामिल हैं। इन रूटों पर चलने वाली लोकल और पैसेंजर ट्रेनों में भी कोच बढ़ाए जाएंगे।
मालदा मंडल की सीधी निगरानी
मालदा रेल मंडल के पीआरओ रसराज माजी ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोकल और पैसेंजर ट्रेनों में बोगियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इस पूरी व्यवस्था पर मंडल स्तर से सीधी निगरानी रखी जा रही है।
इन ट्रेनों को मिलेगा सीधा लाभ
भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी
भागलपुर-मुजफ्फरपुर जनसेवा
साहिबगंज-भागलपुर मेमू
जमालपुर-भागलपुर मेमू
भागलपुर-बांका पैसेंजर
स्थानीय पैसेंजर और डेमू ट्रेनें
रेलवे के इस फैसले से हजारों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


