भागलपुर।केन्द्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), भागलपुर का प्रथम स्थापना दिवस सोमवार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, संस्थान के संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख श्री अभित लकड़ा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी दीप प्रज्ज्वलन में सहभागिता की।
संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख श्री अभित लकड़ा ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं चादर भेंट कर स्वागत किया। सिपेट मुख्यालय के प्रतिनिधि श्री राम नाथ तिवारी, अधिकारी (का. एवं प्र.) भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में अतिथियों ने सिपेट के कौशल एवं तकनीकी सहायता केंद्र (CSTS) तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (PWMC) की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग आज के समय की आवश्यकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि कांवड़ियों के लिए जलपात्र का उत्पादन सिपेट, भागलपुर में किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान सिपेट के प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।
अंत में श्री राम नाथ तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
सिपेट का यह प्रथम स्थापना दिवस भागलपुर में तकनीकी कौशल, नवाचार और रोजगार के नए संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा।


