बिहार में ग्रैंड कॉर्ड रेल सेक्शन इन दिनों वन्यजीव तस्करों के लिए सेफ जोन बनता जा रहा है। ताजा मामला सासाराम रेलवे स्टेशन का है, जहां कालका से हावड़ा जा रही 12312 नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच से लावारिस हालत में 11 बोरियों में बंद 311 जिंदा कछुओं को बरामद किया गया है। बरामद कछुओं को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वन विभाग को सौंप दिया है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि नेताजी एक्सप्रेस के आगे वाले जनरल कोच में कछुओं की अवैध तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम को अलर्ट किया गया और ट्रेन के सासाराम स्टेशन पर पहुंचते ही सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
जनरल कोच में बोरियों से मिले कछुए
तलाशी के दौरान जनरल कोच में सीट के नीचे छुपाकर रखी गई 11 बोरियों पर आरपीएफ को संदेह हुआ। बोरियों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर जब खोला गया, तो सभी में जिंदा कछुए पाए गए। जांच में कुल 311 कछुओं की बरामदगी हुई, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 3 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
अमानवीय तरीके से की जा रही थी तस्करी
आरपीएफ के अनुसार कछुओं को बेहद अमानवीय तरीके से बोरियों में ठूंसकर रखा गया था, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा था। बरामदगी के तुरंत बाद वन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कछुओं को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
तस्करों की तलाश जारी
वन विभाग की टीम द्वारा कछुओं की गिनती और प्राथमिक जांच के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है, जहां संरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और तस्करों की तलाश जारी है।
“गुप्त सूचना मिली थी कि कालका से हावड़ा जा रही 12312 नेताजी एक्सप्रेस के जनरल कोच में 11 बोरियों में कछुए ले जाए जा रहे हैं। सासाराम स्टेशन पर छापेमारी कर सभी कछुओं को बरामद कर लिया गया, हालांकि कोई आरोपी पकड़ में नहीं आ सका। सभी कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया है।”
— संजीव कुमार, निरीक्षक, RPF सासाराम
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
आरपीएफ और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक बार फिर रेलवे के जरिए हो रही वन्यजीव तस्करी को उजागर किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत RPF या संबंधित प्रशासन को सूचना दें।


